बल, घर्षण एवं ध्वनि
Join WhatsApp Channel
Get instant updates, mock tests & exam alerts
Subscribe on YouTube
Watch free video lectures & exam strategy tips
1 बल: अर्थ, प्रभाव और प्रकार (Force)
दरवाज़ा खोलना, गेंद को लात मारना या मेज़ को खिसकाना, इन सबमें हम धक्का या खिंचाव देते हैं। यही धक्का या खिंचाव विज्ञान में बल कहलाता है। बल दिखाई नहीं देता, पर उसके प्रभाव दिखाई देते हैं, इसलिए बल को उसके प्रभावों से पहचाना जाता है।
परिभाषा
बल (Force) = वह धक्का या खिंचाव जो किसी वस्तु की गति की अवस्था या आकार में परिवर्तन ला सके या लाने का प्रयास करे। SI मात्रक: न्यूटन (N)। 1 N = 1 kg·m/s²। बल एक सदिश राशि है।
बल के प्रभाव
- विराम की वस्तु को गति देना और गतिशील वस्तु को रोकना।
- गति की चाल बदलना (तेज़ या धीमा)।
- गति की दिशा बदलना।
- वस्तु का आकार या आकृति बदलना (दबाना, खींचना, मोड़ना)।
बल के प्रकार
| प्रकार | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|
| संपर्क बल | वस्तु से सीधे छूने पर लगने वाला | पेशीय बल, घर्षण बल, तनाव, अभिलंब बल |
| असंपर्क बल | बिना छुए दूर से लगने वाला | गुरुत्व बल, चुंबकीय बल, स्थिर-वैद्युत बल |
- पेशीय बल: पेशियों की सहायता से लगाया गया बल (उठाना, धकेलना)।
- संतुलित बल: जब वस्तु पर लगे बलों का परिणामी बल शून्य हो; गति में कोई परिवर्तन नहीं (रस्साकशी में दोनों ओर बराबर बल)।
- असंतुलित बल: परिणामी बल शून्य नहीं; वस्तु में त्वरण पैदा होता है।
- दो बल एक ही दिशा में हों तो जुड़ते हैं, विपरीत दिशा में हों तो घटते हैं।
भ्रम से बचें
चुंबकीय बल, गुरुत्वाकर्षण और स्थिर-वैद्युत बल बिना छुए काम करते हैं, इसलिए ये असंपर्क बल हैं।
2 न्यूटन के गति के नियम (Newton's Laws of Motion)
सर आइज़क न्यूटन ने 1687 में अपनी पुस्तक "प्रिंसिपिया" में गति के तीन नियम दिए। ये तीनों नियम बताते हैं कि बल और गति के बीच क्या संबंध है। रोज़मर्रा की अधिकांश गतिविधियाँ, जैसे बस का अचानक रुकना या नाव का चलना, इन्हीं से समझ आती हैं।
| नियम | कथन | उदाहरण |
|---|---|---|
| पहला (जड़त्व का नियम) | कोई वस्तु विराम या एकसमान गति में बनी रहती है, जब तक उस पर असंतुलित बल न लगे | बस रुकने पर यात्री का आगे झुकना; कंबल झाड़ने पर धूल का गिरना |
| दूसरा | बल = द्रव्यमान × त्वरण (F = ma); त्वरण बल के अनुक्रमानुपाती और द्रव्यमान के व्युत्क्रमानुपाती | खाली ठेला जल्दी, लदा ठेला धीरे चलता है |
| तीसरा | प्रत्येक क्रिया की बराबर और विपरीत प्रतिक्रिया होती है | रॉकेट का उड़ना, तैराकी, बंदूक का पीछे धक्का |
- जड़त्व (Inertia): वस्तु का अपनी गति की अवस्था में परिवर्तन का विरोध। द्रव्यमान जितना अधिक, जड़त्व उतना अधिक।
- जड़त्व के प्रकार: विराम का, गति का और दिशा का जड़त्व।
- संवेग (Momentum) p = m × v। न्यूटन का दूसरा नियम संवेग के परिवर्तन की दर के रूप में भी लिखा जाता है।
- क्रिया-प्रतिक्रिया अलग-अलग वस्तुओं पर लगती हैं, इसलिए एक-दूसरे को निरस्त नहीं करतीं।
- सीट-बेल्ट अचानक ब्रेक लगने पर जड़त्व के कारण आगे गिरने से बचाती है; हेलमेट और एयरबैग भी इसी सिद्धांत पर।
सरल गणना
| प्रश्न | हल |
|---|---|
| 2 kg की वस्तु पर 10 N बल लगे तो त्वरण? | a = F/m = 10/2 = 5 m/s² |
| 5 kg की वस्तु 3 m/s² से त्वरित हो तो बल? | F = ma = 5 × 3 = 15 N |
3 गुरुत्वाकर्षण, द्रव्यमान और भार (Gravitation, Mass and Weight)
सेब पेड़ से नीचे ही क्यों गिरता है, ऊपर क्यों नहीं? इस प्रश्न ने न्यूटन को सार्वभौमिक गुरुत्वाकर्षण के नियम तक पहुँचाया। यही बल चंद्रमा को पृथ्वी के और पृथ्वी को सूर्य के चारों ओर घुमाता है। इसी के साथ द्रव्यमान और भार के बीच का भेद भी समझना ज़रूरी है।
- सार्वभौमिक गुरुत्वाकर्षण का नियम: ब्रह्मांड में प्रत्येक पिंड दूसरे को आकर्षित करता है। बल दोनों के द्रव्यमानों के गुणनफल के अनुक्रमानुपाती और उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती: F = G m₁m₂ / r²।
- G (सार्वभौमिक गुरुत्वीय नियतांक) = 6.67 × 10⁻¹¹ N·m²/kg²। इसका मान कैवेंडिश ने मापा।
- गुरुत्वीय त्वरण (g): पृथ्वी पर लगभग 9.8 m/s²।
- गुरुत्व बल सदैव आकर्षण का होता है, प्रतिकर्षण का नहीं।
- मुक्त पतन: हवा न हो तो भारी-हल्की सब वस्तुएँ समान त्वरण से गिरती हैं (गैलीलियो)। हवा के प्रतिरोध के कारण पंख देर से गिरता है। चंद्रमा पर हथौड़ा और पंख साथ गिरे थे।
| आधार | द्रव्यमान | भार |
|---|---|---|
| अर्थ | वस्तु में पदार्थ की मात्रा | वस्तु पर पृथ्वी (या ग्रह) का गुरुत्व बल |
| SI मात्रक | किलोग्राम (kg) | न्यूटन (N) |
| प्रकृति | अदिश | सदिश |
| स्थान पर निर्भरता | नहीं बदलता | बदलता है (W = mg) |
| मापन यंत्र | भौतिक तुला | कमानीदार तुला |
- चंद्रमा का गुरुत्वीय त्वरण पृथ्वी का लगभग 1/6 है, इसलिए वहाँ भार लगभग छठा भाग रह जाता है।
- अंतरिक्ष में भारहीनता का अनुभव इसलिए होता है कि अंतरिक्ष-यात्री और यान दोनों मुक्त पतन में रहते हैं।
- पलायन वेग: पृथ्वी से बाहर निकलने के लिए न्यूनतम वेग, लगभग 11.2 km/s।
भ्रम से बचें
द्रव्यमान और भार को एक न समझें। 60 kg का व्यक्ति चंद्रमा पर भी 60 kg का ही रहता है, पर उसका भार वहाँ पृथ्वी की तुलना में लगभग छठा हिस्सा रह जाता है।
4 दाब, वायुमंडलीय दाब और उत्प्लावन बल (Pressure and Buoyancy)
एक ही बल कभी बहुत असर करता है और कभी कम, यह इस पर निर्भर है कि वह कितने क्षेत्रफल पर लग रहा है। इसी का नाम दाब है। साथ ही, पानी में रखी चीज़ें कभी तैरती हैं और कभी डूब जाती हैं, जिसका कारण उत्प्लावन बल है। ये दोनों बल के ही महत्वपूर्ण प्रभाव हैं।
- दाब (Pressure) = बल ÷ क्षेत्रफल; SI मात्रक पास्कल (Pa) = N/m²।
- अधिक क्षेत्रफल, कम दाब: चौड़े टायर, स्नो-शू, ऊँट के चौड़े पाँव। कम क्षेत्रफल, अधिक दाब: कील, चाकू की धार, सुई।
- द्रव का दाब गहराई के साथ बढ़ता है। इसलिए बाँध की नींव चौड़ी और गहराई पर मोटी बनाई जाती है।
- पास्कल का नियम: बंद द्रव पर लगाया गया दाब सभी दिशाओं में समान रूप से संचरित होता है। हाइड्रोलिक ब्रेक और जैक इसी पर आधारित हैं।
वायुमंडलीय दाब
- पृथ्वी के चारों ओर वायु की परत का दाब। सामान्य वायुमंडलीय दाब ≈ 1.01 × 10⁵ Pa = 76 सेमी पारे का स्तंभ।
- टॉरिसेली (1643) ने पारे के बैरोमीटर से इसे मापा।
- ऊँचाई बढ़ने पर वायुमंडलीय दाब घटता है। इसी कारण पर्वतारोहियों को साँस में कठिनाई होती है।
- स्ट्रॉ से पेय पीना, सिरिंज और सक्शन-कप वायुमंडलीय दाब के उदाहरण हैं।
उत्प्लावन बल और आर्किमिडीज़ का सिद्धांत
- द्रव में डूबी वस्तु पर द्रव द्वारा ऊपर की ओर लगाया गया बल उत्प्लावन बल (Buoyant Force) कहलाता है।
- आर्किमिडीज़ का सिद्धांत: किसी द्रव में पूर्णतः या आंशिक रूप से डूबी वस्तु पर लगने वाला उत्प्लावन बल उस वस्तु द्वारा हटाए गए द्रव के भार के बराबर होता है।
- तैरने का नियम: वस्तु का घनत्व द्रव से कम हो तो वह तैरती है; अधिक हो तो डूब जाती है।
- घनत्व = द्रव्यमान ÷ आयतन; जल का घनत्व 1000 kg/m³ (1 g/cm³)।
- जहाज़ लोहे का होकर भी तैरता है, क्योंकि उसका औसत घनत्व जल से कम होता है (भीतर खोखला)। पनडुब्बी अपने गिट्टी-टैंक में जल भरकर या निकालकर डूबती-उतराती है।
- मृत सागर में खारे जल के अधिक घनत्व के कारण मनुष्य आसानी से तैरता है।
- हाइड्रोमीटर/लैक्टोमीटर: द्रव का घनत्व/दूध की शुद्धता मापने के यंत्र।
5 घर्षण: प्रकार, लाभ-हानि और नियंत्रण (Friction)
फ़र्श पर चलने के लिए हमारे जूतों को पकड़ चाहिए, और बर्फ़ पर यही पकड़ कम हो जाती है। यह पकड़ दो सतहों के बीच लगने वाला घर्षण बल है। घर्षण कभी हमारा मित्र है और कभी शत्रु, इसलिए इसे घटाना-बढ़ाना सीखना विज्ञान और इंजीनियरिंग के लिए आवश्यक है।
परिभाषा
घर्षण (Friction) = दो संपर्क-सतहों के बीच वह बल जो उनकी आपेक्षिक गति का विरोध करता है। यह गति की विपरीत दिशा में कार्य करता है।
| प्रकार | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|
| स्थैतिक घर्षण | विराम की वस्तु को गति देने से पहले लगने वाला; सबसे अधिक | भारी बक्से को सरकाने की शुरुआत |
| सर्पी / गतिक घर्षण | जब एक सतह दूसरी पर फिसले | ब्रेक लगाने पर टायर का फिसलना |
| लोटनिक घर्षण | जब वस्तु लुढ़के | पहिया, गेंद, बॉल-बेयरिंग |
- क्रम: स्थैतिक > सर्पी > लोटनिक। इसीलिए भारी सामान को खींचने से पहिए पर लुढ़काना आसान है।
- घर्षण निर्भर करता है: सतहों की खुरदरेपन पर और सतहों को दबाने वाले बल पर। संपर्क-क्षेत्रफल पर सामान्यतः नहीं।
| घर्षण के लाभ | घर्षण की हानि |
|---|---|
| चलना-दौड़ना, वाहन का चलना और रुकना | मशीन के पुर्ज़ों का घिसना |
| कील और पेंच का टिके रहना | ऊष्मा उत्पन्न होना, ऊर्जा की हानि |
| माचिस जलाना, लिखना | वाहनों की गति धीमी, ईंधन अधिक खर्च |
घर्षण बढ़ाने और घटाने के उपाय
| बढ़ाना | घटाना |
|---|---|
| टायर/जूते के तलवे पर खाँचे | चिकनाई (तेल, ग्रीस) |
| फिसलन पर रेत/राख डालना | बॉल-बेयरिंग या रोलर |
| खेल में पाउडर लगाना | सतह को पॉलिश या चिकना करना |
| ब्रेक-पैड खुरदरा रखना | धारारेखीय आकार (तरल घर्षण घटाने के लिए) |
- तरल घर्षण (Drag): तरल या गैस में चलती वस्तु पर लगने वाला विरोधी बल। धारारेखीय आकार (मछली, हवाई जहाज़, नौका) इसे कम करता है।
- घर्षण-ऊष्मा: हाथ रगड़ने पर गर्मी, उल्कापिंड का वायुमंडल में जलना।
6 ध्वनि: उत्पत्ति, संचरण और तरंग-गुण (Sound)
हम बात करते हैं, संगीत सुनते हैं और खतरे की आवाज़ से चौकन्ने हो जाते हैं। ध्वनि हमारे जीवन का हिस्सा है। विज्ञान में ध्वनि एक प्रकार की ऊर्जा है, जो कंपन से पैदा होती है और माध्यम में तरंग बनकर आगे बढ़ती है। यहाँ उसकी उत्पत्ति से लेकर तरंग के गुणों तक की जानकारी है।
- ध्वनि की उत्पत्ति: वस्तुओं के कंपन (Vibration) से। जैसे तार, झिल्ली, स्वर-रज्जु, ट्यूनिंग फ़ोर्क।
- संचरण के लिए माध्यम आवश्यक: ठोस, द्रव या गैस। निर्वात (Vacuum) में ध्वनि नहीं चल सकती। इसीलिए चंद्रमा या अंतरिक्ष में कोई आवाज़ नहीं सुनाई देती।
- ध्वनि अनुदैर्घ्य तरंग है। माध्यम के कण तरंग की दिशा में ही कंपन करते हैं, जिससे संपीडन (Compression) और विरलन (Rarefaction) बनते हैं।
- प्रकाश अनुप्रस्थ तरंग है और निर्वात में भी चल सकता है।
तरंग के लक्षण
| लक्षण | अर्थ | मात्रक |
|---|---|---|
| आयाम (Amplitude) | साम्य-स्थिति से अधिकतम विस्थापन | मीटर |
| आवृत्ति (Frequency) | प्रति सेकंड कंपनों की संख्या | हर्ट्ज़ (Hz) |
| आवर्तकाल (Time Period) | एक कंपन में लगा समय (T = 1/f) | सेकंड |
| तरंगदैर्घ्य (Wavelength) | दो क्रमागत संपीडनों के बीच की दूरी | मीटर |
| तरंग वेग | v = f × λ | m/s |
ध्वनि की चाल
| माध्यम | लगभग चाल |
|---|---|
| वायु (लगभग 20–25°C) | 340–346 m/s |
| जल | लगभग 1500 m/s |
| लोहा/इस्पात (ठोस) | लगभग 5000 m/s |
- ठोस > द्रव > गैस क्रम में चाल घटती है।
- वायु में ध्वनि की चाल ताप बढ़ने पर बढ़ती है।
- प्रकाश की चाल ध्वनि से बहुत अधिक है, इसलिए पहले बिजली दिखती है, फिर गर्जन सुनाई देता है।
7 ध्वनि के गुण, प्रतिध्वनि और श्रव्यता (Pitch, Loudness, Echo and Audibility)
सारी ध्वनियाँ एक-सी नहीं होतीं। कोई ध्वनि पतली होती है, कोई भारी; कोई धीमी, कोई तेज़। इन अंतरों को हम ध्वनि के गुणों से समझते हैं। साथ ही, पहाड़ों में आवाज़ लौटकर आना और चमगादड़ का अँधेरे में उड़ना भी ध्वनि के ही उदाहरण हैं।
| गुण | किस पर निर्भर | अर्थ |
|---|---|---|
| तारत्व (Pitch) | आवृत्ति | ध्वनि का पतला या मोटा होना; आवृत्ति अधिक तो तारत्व अधिक |
| प्रबलता (Loudness) | आयाम | ध्वनि का तेज़ या धीमा होना; मात्रक डेसिबल (dB) |
| गुणता / टिम्बर (Timbre) | तरंग का आकार | अलग-अलग वाद्य/व्यक्तियों की ध्वनि का भेद |
- स्त्री और बच्चे की आवाज़ का तारत्व अधिक, पुरुष का कम होता है, क्योंकि स्वर-रज्जु छोटे/पतले होते हैं।
- शोर (Noise) अप्रिय ध्वनि है; संगीत लयबद्ध मधुर ध्वनि।
श्रव्यता का परिसर
| प्रकार | आवृत्ति | उदाहरण |
|---|---|---|
| अवश्रव्य (Infrasonic) | 20 Hz से कम | भूकंप-तरंगें, हाथी और व्हेल की ध्वनि |
| श्रव्य (Audible) | 20 Hz – 20,000 Hz | सामान्य मानव श्रवण |
| पराश्रव्य (Ultrasonic) | 20,000 Hz से अधिक | चमगादड़, डॉल्फ़िन, कुत्ते की सीटी |
प्रतिध्वनि (Echo)
- प्रतिध्वनि: ध्वनि का किसी बाधा से परावर्तित होकर लौटना और दोबारा सुनाई देना।
- प्रतिध्वनि सुनने के लिए बाधा और स्रोत के बीच न्यूनतम दूरी लगभग 17 मीटर चाहिए, क्योंकि मानव कान 0.1 सेकंड से कम अंतराल की दो ध्वनियाँ अलग नहीं पहचान पाता।
- अनुरणन (Reverberation): बड़े हॉल में बार-बार परावर्तन से ध्वनि का लंबे समय तक बने रहना। इसे कम करने के लिए परदे, कालीन, छिद्रयुक्त पैनल लगाए जाते हैं।
पराश्रव्य ध्वनि के उपयोग
- SONAR (Sound Navigation and Ranging): समुद्र की गहराई और पनडुब्बी का पता लगाना।
- अल्ट्रासाउंड (अल्ट्रासोनोग्राफी): शरीर के भीतर की छवि लेना।
- सूक्ष्म पुर्ज़ों की सफ़ाई और धातुओं में दरार की जाँच।
- चमगादड़ पराश्रव्य ध्वनि छोड़कर लौटी प्रतिध्वनि से बाधा/शिकार का पता लगाते हैं (प्रतिध्वनि-स्थान निर्धारण)।
भ्रम से बचें
ध्वनि प्रदूषण (अत्यधिक शोर) स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। लगभग 85 dB से अधिक का लंबा संपर्क सुनने की क्षमता को नुकसान पहुँचा सकता है।
8 ध्वनि कैसे सुनी जाती है: मानव कान की कार्यविधि
हमारा कान ध्वनि-तरंगों को पकड़कर तंत्रिका-संकेतों में बदल देता है, और मस्तिष्क उन्हें ध्वनि के रूप में पहचानता है। इस पूरी यात्रा को क्रम से समझना ध्वनि के पाठ को जीव-विज्ञान से जोड़ देता है।
- बाह्य कान (कर्ण-पल्लव): ध्वनि को एकत्र कर कान की नली में भेजता है।
- कर्ण-पटह (Ear drum): ध्वनि के कंपन से यह पतली झिल्ली कंपित होती है।
- मध्य कान: तीन छोटी हड्डियाँ मैलियस, इंकस और स्टेप्स कंपन को बढ़ाकर आगे भेजती हैं।
- आंतरिक कान (कर्णावर्त / Cochlea): कंपन तरल में तरंग बनता है; संवेदी कोशिकाएँ उसे तंत्रिका-संकेत में बदलती हैं।
- श्रवण-तंत्रिका: संकेत को मस्तिष्क तक पहुँचाती है।
- अर्धवृत्ताकार नलिकाएँ शरीर का संतुलन बनाए रखती हैं।
- यूस्टेकियन नली मध्य कान और गले को जोड़कर दोनों ओर दाब बराबर रखती है।
- कान की देखभाल: तेज़ आवाज़ से बचाव, नुकीली चीज़ से कान न साफ़ करना, समय पर जाँच।
याद रखें
श्रवण-बाधित बच्चों के लिए श्रवण यंत्र, भारतीय सांकेतिक भाषा और दृश्य संकेत का उपयोग कक्षा को समावेशी बनाता है।
9 NEP-2020 एवं NCF-SE के संदर्भ में: बल, घर्षण और ध्वनि का शिक्षण
बल, घर्षण और ध्वनि वे विषय हैं जिन्हें बच्चे खेलकर, छूकर और सुनकर सबसे अच्छे से सीखते हैं। इसलिए इनके शिक्षण में घर और खेल के उदाहरणों को आधार बनाना चाहिए। नीचे कक्षा-गतिविधियों के कुछ सुझाव हैं।
- धक्का-खिंचाव की गतिविधियाँ: बच्चे अलग-अलग वस्तुओं को धकेलें-खींचें और बताएँ कि क्या प्रभाव हुआ।
- घर्षण-प्रयोग: अलग-अलग सतहों (टाइल, कपड़ा, रेत) पर एक ही खिलौना-कार चलाकर दूरी की तुलना।
- घरेलू ध्वनि-यंत्र: डिब्बा-धागा टेलीफ़ोन, स्केल का कंपन, काँच के गिलासों में पानी भरकर संगीत।
- खेल: रस्साकशी (संतुलित-असंतुलित बल), गेंद का उछलना, झूला।
- ध्वनि-प्रदूषण पर जागरूकता: विद्यालय के आसपास शोर का सर्वेक्षण।
- समावेशी शिक्षण: श्रवण-बाधित बच्चों के लिए कंपन छूकर ध्वनि का अनुभव।
NEP-2020 का सार
मुख्य सार: NEP-2020 और NCF-SE अनुभवात्मक, खेल-आधारित और प्रश्न पूछने को प्रोत्साहित करने वाले शिक्षण पर बल देते हैं। बल, घर्षण और ध्वनि के पाठ खुद करके देखने से सबसे बेहतर सीखे जाते हैं।
10 Quick Revision — एक नज़र में
परीक्षा से ठीक पहले पूरे टॉपिक को दोहराने के लिए यह भाग है। इसमें सबसे ज़रूरी बातें एक ही जगह दी गई हैं।
11 MCQ Practice (20 प्रश्न)
अब तक जो पढ़ा, उसे परखने के लिए नीचे 20 प्रश्न हैं। किसी विकल्प पर क्लिक करते ही सही उत्तर और उसकी व्याख्या दिख जाएगी।
Q1. बल का SI मात्रक क्या है?
Q2. निम्न में से कौन-सा असंपर्क बल है?
Q3. बस अचानक रुकने पर यात्री का आगे झुक जाना किस नियम से समझा जाता है?
Q4. F = ma किस नियम को दर्शाता है?
Q5. रॉकेट के उड़ने का कारण कौन-सा नियम है?
Q6. 2 kg की वस्तु पर 10 N बल लगे तो त्वरण कितना होगा?
Q7. गुरुत्वीय त्वरण g का मान पृथ्वी पर लगभग कितना है?
Q8. चंद्रमा पर किसी वस्तु का भार पृथ्वी की तुलना में लगभग कितना रहता है?
Q9. द्रव्यमान का SI मात्रक क्या है?
Q10. दाब का SI मात्रक क्या है?
Q11. हाइड्रोलिक ब्रेक किस नियम पर आधारित है?
Q12. उत्प्लावन बल का नियम किसने दिया?
Q13. सबसे अधिक घर्षण किस प्रकार का होता है?
Q14. घर्षण घटाने के लिए क्या उपयोग किया जाता है?
Q15. ध्वनि किस माध्यम में नहीं चल सकती?
Q16. ध्वनि किस प्रकार की तरंग है?
Q17. ध्वनि की चाल किस माध्यम में सबसे अधिक होती है?
Q18. मानव कान की श्रव्य आवृत्ति परिसर कितना है?
Q19. प्रतिध्वनि सुनने के लिए बाधा की न्यूनतम दूरी लगभग कितनी होनी चाहिए?
Q20. ध्वनि का तारत्व किस पर निर्भर करता है?
Join WhatsApp Channel
Get instant updates, mock tests & exam alerts
Subscribe on YouTube
Watch free video lectures & exam strategy tips
| Category | JTET Resources |
|---|---|
| Practice Set | View Practice Set → |
| PYQ (Previous Year Papers) | View PYQ → |
| Notes | View Notes → |
| Syllabus | View Syllabus → |
| Admit Card | View Admit Card → |
| Exam Date | View Exam Date → |