पर्यावरण के बारे में शिक्षा
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1 पर्यावरण के बारे में शिक्षा: अर्थ और अवधारणा (Environmental Education)
पर्यावरण शिक्षा (Environmental Education, EE) वह प्रक्रिया है जिससे व्यक्ति पर्यावरण और उससे जुड़ी समस्याओं के बारे में ज्ञान, कौशल, दृष्टिकोण और प्रतिबद्धता विकसित करता है। EVS एक विषय है, जबकि पर्यावरण शिक्षा एक व्यापक उपागम है जो हर विषय और हर स्तर में पिरोया जा सकता है। यह अध्याय पर्यावरण-विषयों के शिक्षण की पूरी रूपरेखा देता है।
- UNESCO-UNEP (1977, तिबिलिसी) के अनुसार EE एक सीखने की प्रक्रिया है जो लोगों में पर्यावरण और उसकी समस्याओं के प्रति जागरूकता, ज्ञान, दृष्टिकोण, कौशल और प्रतिबद्धता पैदा करती है ताकि वे समाधान में भाग ले सकें।
- EVS बनाम EE: EVS प्राथमिक कक्षाओं का समेकित विषय है; EE पूरी शिक्षा-व्यवस्था में चलने वाली प्रक्रिया है।
- EE औपचारिक (विद्यालय), अनौपचारिक (मीडिया, समाज) और निरौपचारिक (अभियान, शिविर) तीनों रूपों में दी जाती है।
- EE का अंतिम लक्ष्य सतत विकास के लिए शिक्षा (ESD) है।
पर्यावरण शिक्षा के तीन आयाम (Lucas)
| आयाम | आशय |
|---|---|
| पर्यावरण के बारे में (About) | पर्यावरण की जानकारी, समस्याएँ और विज्ञान |
| पर्यावरण के लिए (For) | संरक्षण-सुधार हेतु मूल्य और कार्य |
| पर्यावरण में / से (In/Through) | परिवेश में सीखना, भ्रमण, अनुभव |
2 पर्यावरण शिक्षा के अंतर्राष्ट्रीय पड़ाव
पर्यावरण शिक्षा का इतिहास कुछ ऐतिहासिक सम्मेलनों से जुड़ा है, जिनकी तारीख़ें और घोषणाएँ परीक्षा में बहुत पूछी जाती हैं। इन्हें क्रम में याद रखना सबसे आसान तरीका है।
| वर्ष | सम्मेलन / दस्तावेज़ | मुख्य बिंदु |
|---|---|---|
| 1972 | स्टॉकहोम (संयुक्त राष्ट्र मानव पर्यावरण सम्मेलन) | पर्यावरण पर पहला बड़ा विश्व सम्मेलन; पर्यावरण शिक्षा की आवश्यकता रेखांकित; UNEP की स्थापना |
| 1975 | बेलग्रेड (बेलग्रेड कार्यशाला) | "बेलग्रेड चार्टर"; अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण शिक्षा कार्यक्रम (IEEP) के लक्ष्य |
| 1977 | तिबिलिसी (जॉर्जिया) अंतर-सरकारी सम्मेलन | पर्यावरण शिक्षा के लक्ष्य, उद्देश्य, सिद्धांत तय; "तिबिलिसी घोषणा" |
| 1987 | मॉस्को सम्मेलन; ब्रंटलैंड रिपोर्ट | दशक की रणनीति; "सतत विकास" की अवधारणा |
| 1992 | रियो (पृथ्वी शिखर सम्मेलन) | एजेंडा 21; शिक्षा द्वारा सतत विकास |
| 2002 | जोहान्सबर्ग | सतत विकास पर विश्व शिखर सम्मेलन |
| 2005-2014 | UN दशक: सतत विकास के लिए शिक्षा (DESD) | शिक्षा में सतत विकास का समावेश |
| 2015 | SDGs / एजेंडा 2030 | लक्ष्य 4.7: सतत विकास हेतु शिक्षा |
- तिबिलिसी (1977) को पर्यावरण शिक्षा का "मैग्ना कार्टा" भी कहा जाता है।
- तिबिलिसी के पाँच उद्देश्य: जागरूकता (Awareness), ज्ञान (Knowledge), दृष्टिकोण (Attitude), कौशल (Skills), सहभागिता (Participation)।
- तिबिलिसी का एक प्रमुख सिद्धांत: पर्यावरण को समग्र रूप में देखना: प्राकृतिक और मानव-निर्मित, तकनीकी, सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक, नैतिक और सौंदर्यबोधी पक्षों के साथ।
3 भारत में पर्यावरण शिक्षा: नीतियाँ और संस्थाएँ
भारत में पर्यावरण शिक्षा को विद्यालयी पाठ्यक्रम का अनिवार्य अंग बनाने में नीतियों, संस्थाओं और अदालती आदेशों की बड़ी भूमिका रही। इस सफ़र को क्रम से देखना शिक्षक और परीक्षार्थी दोनों के लिए उपयोगी है।
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986: पर्यावरण-चेतना को सभी स्तरों पर महत्व।
- NCF-2005: पर्यावरण-शिक्षा को समेकित रूप में सभी विषयों में शामिल करने का सुझाव।
- सर्वोच्च न्यायालय का आदेश (एम.सी. मेहता मामला, नवंबर 1991): सभी स्तरों पर पर्यावरण शिक्षा अनिवार्य करने का निर्देश; 2003 में पुनः सख्त निर्देश दिए गए।
- केंद्र: Centre for Environment Education (CEE), अहमदाबाद (1984)।
- राष्ट्रीय हरित कोर / नेशनल ग्रीन कोर (2001-02): विद्यालयों में ईको-क्लब के माध्यम से पर्यावरण-चेतना।
- NCERT द्वारा पर्यावरण-शिक्षा के पाठ्यक्रम/पुस्तकें; पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) का समन्वय।
- NEP-2020: पर्यावरण-शिक्षा, जलवायु परिवर्तन, जल-संरक्षण और सतत विकास को पाठ्यक्रम में महत्व।
- RTE 2009 के तहत NCF के अनुरूप पाठ्यक्रम में पर्यावरण-शिक्षा की भूमिका।
याद रखें
"1991 SC आदेश" परीक्षाओं में पर्यावरण-शिक्षा को अनिवार्य करने वाला प्रमुख अदालती निर्देश माना जाता है।
4 पर्यावरण-विषयों के शिक्षण की कार्यनीतियाँ
पर्यावरण के बारे में पढ़ाते समय शिक्षक को ऐसी कार्यनीतियाँ अपनानी चाहिए जो बच्चे को सोचने, चर्चा करने, देखने और कुछ कर दिखाने का मौका दें। सिर्फ़ जानकारी देने से व्यवहार नहीं बदलता, उसके लिए अनुभव, भावना और अभ्यास तीनों चाहिए।
| कार्यनीति | उपयोग |
|---|---|
| वार्तालाप / चर्चा | समस्या पर विचार-विमर्श |
| वाद-विवाद | किसी मुद्दे के पक्ष-विपक्ष |
| केस स्टडी | स्थानीय समस्या का अध्ययन (जैसे गाँव का तालाब) |
| भूमिका-अभिनय / नाटक | वन विभाग, किसान, उद्योगपति बनकर संवाद |
| प्रदर्शन एवं प्रयोग | जल-शोधन, मृदा-अपरदन आदि |
| भ्रमण / प्रकृति-यात्रा | वन, नदी, खदान, तालाब |
| सर्वेक्षण | घर-घर कचरा या पानी की खपत का सर्वेक्षण |
| परियोजना | वृक्षारोपण, कम्पोस्ट, जल-संचयन |
| कहानी, गीत, कविता | स्थानीय लोककथाओं से मूल्य |
| ईको-क्लब गतिविधियाँ | विद्यालय-स्तर पर सतत कार्य |
- अंतर्वेशी (Infusion) उपागम: पर्यावरण-शिक्षा को सभी विषयों के पाठों में पिरोना।
- पृथक विषय उपागम: अलग विषय के रूप में पढ़ाना।
- NCF-2005 और NEP-2020 अंतर्वेशी / समेकित उपागम का समर्थन करते हैं।
- मूल्य-स्पष्टीकरण (Values Clarification) से बच्चे अपने मूल्यों पर चिंतन करते हैं।
5 शिक्षक की भूमिका, सीमाएँ और समाधान
पर्यावरण-शिक्षा की सफलता का सबसे बड़ा आधार शिक्षक का स्वयं का आचरण है। अगर शिक्षक कचरा जलाए या पानी बर्बाद करे तो कक्षा के भाषण का असर नहीं पड़ता। इसके साथ ही संसाधनों और समय की कमी जैसी व्यावहारिक सीमाओं का हल खोजना भी ज़रूरी है।
- शिक्षक आदर्श (Role model) बने: कम कचरा, पानी-बिजली की बचत, पौधारोपण।
- स्थानीय समस्याओं और संसाधनों को पाठों से जोड़े।
- बच्चों को प्रश्न पूछने और खोज करने का वातावरण दे।
- स्थानीय विशेषज्ञ, किसान, वन-कर्मी, बुज़ुर्ग को अतिथि वक्ता के रूप में बुलाए।
- पर्यावरण-दिवस पर औपचारिकता के बजाय सतत गतिविधि चलाए।
- अभिभावकों और समुदाय को शामिल करे।
| सीमा / चुनौती | संभावित समाधान |
|---|---|
| संसाधनों की कमी | स्थानीय सामग्री, कबाड़ से शिक्षण-सामग्री |
| पाठ्यक्रम का बोझ | समेकित पाठ-योजना |
| शिक्षक का अपर्याप्त प्रशिक्षण | DIET/SCERT प्रशिक्षण, ऑनलाइन DIKSHA |
| केवल परीक्षा पर ध्यान | क्षमता-आधारित, गतिविधि-आधारित आकलन |
| सामुदायिक जुड़ाव की कमी | अभिभावक-सभा, ग्राम-शिक्षा समिति (SMC) का उपयोग |
6 NEP-2020 के संदर्भ में: पर्यावरण-शिक्षण की नई दिशा
NEP-2020 पर्यावरण-शिक्षा को अलग बोझ की तरह नहीं बल्कि जीवन-कौशल, मूल्य और ज्ञान के सेतु के रूप में देखती है। जलवायु परिवर्तन, जल-संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा जैसी चुनौतियों के प्रति बच्चों को संवेदनशील और सक्षम बनाना इसका लक्ष्य है। NCF-SE 2023 इसी को कक्षा-व्यवहार में उतारने की रूपरेखा देता है।
- पाठ्यक्रम में जलवायु परिवर्तन, सतत विकास और पर्यावरण का स्पष्ट स्थान।
- अनुभव-आधारित और स्थानीय संदर्भ, जैसे स्थानीय पर्व, वन, जल-स्रोत।
- भारतीय ज्ञान-परंपरा में प्रकृति-संरक्षण की दृष्टि का समावेश।
- परियोजना और सामुदायिक सेवा (कक्षा 6 से इंटर्नशिप सहित)।
- मातृभाषा में शिक्षण से पर्यावरण-अवधारणाएँ बेहतर समझी जाती हैं।
- क्षमता-आधारित आकलन द्वारा केवल स्मरण नहीं, कार्य और व्यवहार की परख।
NEP-2020 का सार
मुख्य सार: NEP-2020 के अनुसार पर्यावरण-शिक्षा समेकित, अनुभव-आधारित, स्थानीय, मूल्य-उन्मुख और क्षमता-आधारित आकलन से जुड़ी हो।
7 Quick Revision — एक नज़र में
परीक्षा से ठीक पहले पूरे टॉपिक को दोहराने के लिए यह भाग है। इसमें सबसे ज़रूरी बातें एक ही जगह दी गई हैं।
8 MCQ Practice (20 प्रश्न)
अब तक जो पढ़ा, उसे परखने के लिए नीचे 20 प्रश्न हैं। किसी विकल्प पर क्लिक करते ही सही उत्तर और उसकी व्याख्या दिख जाएगी।
Q1. पर्यावरण शिक्षा को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दिशा देने वाले तिबिलिसी सम्मेलन का वर्ष क्या है?
Q2. बेलग्रेड चार्टर किस वर्ष की देन है?
Q3. संयुक्त राष्ट्र मानव पर्यावरण सम्मेलन कहाँ और कब हुआ?
Q4. पृथ्वी शिखर सम्मेलन (Earth Summit) और एजेंडा 21 किससे संबंधित हैं?
Q5. तिबिलिसी के अनुसार पर्यावरण शिक्षा का उद्देश्य नहीं है:
Q6. "पर्यावरण के लिए शिक्षा (Education for the Environment)" से क्या आशय है?
Q7. "पर्यावरण में / के माध्यम से शिक्षा" का सही उदाहरण कौन-सा है?
Q8. भारत में पर्यावरण शिक्षा को अनिवार्य करने में किस न्यायिक आदेश की प्रमुख भूमिका मानी जाती है?
Q9. नेशनल ग्रीन कोर कार्यक्रम किस साधन के माध्यम से विद्यालयों में चलता है?
Q10. कथन (A): पर्यावरण शिक्षा केवल एक विषय तक सीमित नहीं होनी चाहिए। कथन (R): सभी विषयों में पर्यावरणीय पहलू पिरोये जा सकते हैं। सही विकल्प?
Q11. अंतर्वेशी (Infusion) उपागम में क्या किया जाता है?
Q12. सतत विकास की संकल्पना किस रिपोर्ट से लोकप्रिय हुई?
Q13. SDG 4.7 किससे संबंधित है?
Q14. एक शिक्षक पर्यावरण-पाठ में पानी की बचत सिखाता है और स्वयं स्कूल में नल खुला छोड़ देता है। इसका सबसे बड़ा दुष्प्रभाव क्या होगा?
Q15. बच्चों को स्थानीय समस्या (जैसे गाँव का कचरा) पर कार्य कराने की सबसे उपयुक्त विधि कौन-सी है?
Q16. पर्यावरण-शिक्षा की कार्यनीति "भूमिका-अभिनय" का सबसे अच्छा उपयोग क्या है?
Q17. औपचारिक पर्यावरण शिक्षा कहाँ दी जाती है?
Q18. NEP-2020 की दृष्टि में पर्यावरण-शिक्षा का स्वरूप कैसा होना चाहिए?
Q19. पर्यावरण शिक्षा के लिए शिक्षक की सर्वश्रेष्ठ कार्यनीति कौन-सी है?
Q20. मूल्य-स्पष्टीकरण (Values Clarification) पर्यावरण शिक्षा में क्या करता है?
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