विद्युत धारा, विद्युत उपकरण एवं चुम्बक
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1 विद्युत आवेश, धारा, विभवांतर और प्रतिरोध (Electric Current)
बल्ब जलना, पंखा घूमना और मोबाइल चार्ज होना, ये सब विद्युत धारा के कमाल हैं। विद्युत धारा को समझने के लिए पहले आवेश, फिर धारा, विभवांतर और प्रतिरोध की धारणाएँ जाननी ज़रूरी हैं। यही आगे के सभी विद्युत उपकरणों का आधार हैं।
- विद्युत आवेश (Charge): पदार्थ का वह गुण जिससे वह विद्युत और चुंबकीय प्रभाव दिखाता है। दो प्रकार: धन (+) और ऋण (−)। SI मात्रक कूलॉम (C)।
- समान आवेश प्रतिकर्षित और विपरीत आवेश आकर्षित करते हैं।
- इलेक्ट्रॉन ऋण आवेशित, प्रोटॉन धन आवेशित और न्यूट्रॉन आवेशरहित होता है। धातुओं में धारा मुक्त इलेक्ट्रॉनों के बहने से बनती है।
- विद्युत धारा (I): आवेश के प्रवाह की दर, I = Q ÷ t। SI मात्रक ऐम्पियर (A); 1 A = 1 कूलॉम/सेकंड। मापन यंत्र ऐमीटर (परिपथ में श्रेणीक्रम में)।
- परंपरागत धारा की दिशा धन सिरे से ऋण सिरे की ओर मानी जाती है; इलेक्ट्रॉन विपरीत दिशा में चलते हैं।
- विभवांतर (V): इकाई आवेश को एक बिंदु से दूसरे तक ले जाने में किया गया कार्य। मात्रक वोल्ट (V)। मापन यंत्र वोल्टमीटर (समानांतर में)।
- प्रतिरोध (R): चालक द्वारा धारा के प्रवाह का विरोध। मात्रक ओम (Ω)।
परिभाषा
ओम का नियम: स्थिर ताप पर चालक में बहने वाली धारा उसके सिरों के विभवांतर के अनुक्रमानुपाती होती है। V = I × R।
- प्रतिरोध लंबाई बढ़ने पर बढ़ता, मोटाई (अनुप्रस्थ काट) बढ़ने पर घटता है, पदार्थ और ताप पर भी निर्भर करता है। R = ρ l / A।
| चालक | कुचालक (विद्युतरोधी) |
|---|---|
| ताँबा, चाँदी, ऐलुमिनियम, लोहा | रबर, प्लास्टिक, काँच, लकड़ी (सूखी) |
| अम्ल/लवण का जलीय विलयन, नल का जल | आसुत जल (शुद्ध जल) |
- चाँदी सर्वश्रेष्ठ चालक है; घरेलू तारों में प्रायः ताँबा या ऐलुमिनियम प्रयुक्त होते हैं।
- ग्रेफ़ाइट अधातु होकर भी विद्युत का चालक है।
- अर्धचालक: सिलिकॉन, जर्मेनियम; ये चालक और कुचालक के बीच के गुण रखते हैं।
2 विद्युत परिपथ, श्रेणी-क्रम और समानांतर क्रम (Electric Circuit)
बैटरी, तार, बल्ब और स्विच को जोड़कर हम एक परिपथ बनाते हैं। परिपथ तभी काम करता है जब वह पूरा बंद हो। इन्हें जोड़ने के दो मुख्य तरीके हैं: श्रेणी-क्रम और समानांतर क्रम। घर की वायरिंग किस ढंग से होती है, यह इसी से समझ आता है।
- विद्युत परिपथ: विद्युत धारा के बहने का पूरा बंद मार्ग। खुला परिपथ में धारा नहीं बहती।
- विद्युत सेल / बैटरी रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलती है।
- स्विच परिपथ को बंद/खुला करता है।
- लघु-पथन (शॉर्ट सर्किट): जब धन और ऋण तार सीधे जुड़ जाएँ, प्रतिरोध बहुत कम और धारा बहुत अधिक हो जाती है; आग लग सकती है।
| आधार | श्रेणी-क्रम | समानांतर क्रम |
|---|---|---|
| जुड़ाव | एक के बाद एक | सभी के सिरे साझा बिंदुओं पर |
| धारा | सब में समान | अलग-अलग बँटती है |
| विभवांतर | बँट जाता है | सब पर समान |
| कुल प्रतिरोध | R = R₁ + R₂ + … | 1/R = 1/R₁ + 1/R₂ + … |
| एक उपकरण खराब हो तो | पूरा परिपथ बंद | बाकी चलते रहते हैं |
| उपयोग | सजावटी झालर (कुछ प्रकार) | घरेलू वायरिंग |
- घरों में उपकरण समानांतर क्रम में लगाए जाते हैं, ताकि हर उपकरण को पूरा वोल्टेज मिले और एक खराब होने पर बाकी चलते रहें।
- समानांतर क्रम में कुल प्रतिरोध सबसे छोटे प्रतिरोध से भी कम होता है।
सरल गणना
| प्रश्न | हल |
|---|---|
| 6 V की बैटरी, 3 Ω प्रतिरोध; धारा? | I = V/R = 6/3 = 2 A |
| 2 Ω और 4 Ω श्रेणी में; कुल प्रतिरोध? | 2 + 4 = 6 Ω |
| 6 Ω और 3 Ω समानांतर में; कुल प्रतिरोध? | (6×3)/(6+3) = 2 Ω |
3 विद्युत शक्ति, ऊर्जा, ऊष्मीय प्रभाव और बिल (Electric Power and Energy)
बिजली के बिल में हम जो "यूनिट" देखते हैं, वह दरअसल विद्युत ऊर्जा की मात्रा है। इस भाग में शक्ति, ऊर्जा और धारा के ऊष्मीय प्रभाव को सरल गणनाओं के साथ समझाया गया है। इन्हीं पर हीटर, प्रेस, फ़्यूज़ और बल्ब का काम निर्भर है।
- विद्युत शक्ति (P) = V × I = I²R = V²/R। मात्रक वाट (W); 1 kW = 1000 W।
- विद्युत ऊर्जा = शक्ति × समय। मात्रक जूल (J)।
- व्यावहारिक मात्रक किलोवाट-घंटा (kWh), जिसे 1 यूनिट कहते हैं। 1 kWh = 3.6 × 10⁶ J।
- जूल का ऊष्मीय नियम: उत्पन्न ऊष्मा H = I²Rt।
ऊष्मीय प्रभाव के उपयोग
- हीटर, इस्तरी, गीजर, टोस्टर: नाइक्रोम तार (उच्च प्रतिरोध, उच्च गलनांक)।
- बल्ब: टंगस्टन का तंतु (गलनांक बहुत ऊँचा, लगभग 3400°C)।
- फ़्यूज़: कम गलनांक का तार; अधिक धारा आने पर पिघलकर परिपथ को तोड़ देता है। यह परिपथ में श्रेणी में लगता है।
- MCB (Miniature Circuit Breaker) आधुनिक फ़्यूज़ का काम करता है और बार-बार चालू किया जा सकता है।
गणना के उदाहरण
| प्रश्न | हल |
|---|---|
| 100 W का बल्ब 10 घंटे चले तो कितनी यूनिट? | (100 × 10)/1000 = 1 यूनिट |
| 2 kW का हीटर 3 घंटे चले तो? | 2 × 3 = 6 यूनिट |
| 220 V पर 0.5 A धारा लेने वाले उपकरण की शक्ति? | 220 × 0.5 = 110 W |
बिजली की बचत
- LED बल्ब कम बिजली लेकर समान रोशनी देते हैं।
- अनावश्यक पंखे/बल्ब बंद करना, स्टार-रेटिंग (BEE) वाले उपकरण लेना।
- CFL भी बचत करता है, पर उसमें थोड़ा पारा होता है, इसलिए निपटान सावधानी से।
4 घरेलू विद्युत उपकरण, वायरिंग और सुरक्षा (Domestic Wiring and Safety)
घर में बिजली सुविधा है, पर लापरवाही में ख़तरा भी। घर की वायरिंग कैसी होती है, तारों के रंग का क्या अर्थ है और किन सावधानियों से हादसों से बचा जा सकता है, यह सब विद्यार्थियों को सिखाना आवश्यक है। भारत में घरेलू आपूर्ति 220–240 V, 50 Hz प्रत्यावर्ती धारा की है।
- घरेलू आपूर्ति: लगभग 220 V, 50 Hz, AC (प्रत्यावर्ती धारा)।
- दिष्ट धारा (DC): एक ही दिशा में (बैटरी, सेल)। प्रत्यावर्ती धारा (AC): दिशा नियमित रूप से बदलती है; भारत में प्रति सेकंड 50 चक्र।
- AC को लंबी दूरी तक भेजना सस्ता है (ट्रांसफ़ॉर्मर से वोल्टेज बदलना आसान)।
| तार | रंग (भारत में, नवीन मानक) | कार्य |
|---|---|---|
| लाइव / फ़ेज़ (Live) | लाल (पुराने में) / भूरा | धारा लाता है |
| न्यूट्रल (Neutral) | काला / नीला | धारा वापस ले जाता है |
| अर्थ (Earth) | हरा (या हरा-पीला) | सुरक्षा हेतु धरती से जोड़ता है |
- अर्थिंग: उपकरण के धात्विक ढाँचे को धरती से जोड़ना; लीक धारा धरती में चली जाती है, झटका नहीं लगता। थ्री-पिन प्लग में सबसे ऊपर/मोटा पिन अर्थ का।
- स्विच हमेशा लाइव तार में लगाया जाता है।
- ELCB/RCCB रिसाव-धारा पर परिपथ तुरंत काट देता है।
- ट्रांसफ़ॉर्मर: AC का वोल्टेज घटाता/बढ़ाता है (अपचायी / उच्चायी)।
सुरक्षा के नियम
- गीले हाथों से स्विच/उपकरण न छुएँ।
- खुले या कटे-फटे तार न रखें; ISI चिह्नित उपकरण लें।
- एक ही सॉकेट पर अधिक उपकरण न लगाएँ (अतिभार)।
- बिजली की लाइन के पास पतंग न उड़ाएँ।
- बिजली से आग लगने पर पानी न डालें; मेन-स्विच बंद करके CO₂ अग्निशामक का उपयोग करें।
- बिजली के झटके वाले व्यक्ति को सीधे न छुएँ; पहले मेन-स्विच बंद करें या सूखी लकड़ी से हटाएँ।
भ्रम से बचें
मानव शरीर के लिए अपेक्षाकृत कम धारा भी घातक हो सकती है, इसलिए विद्युत सुरक्षा के नियमों का पालन अनिवार्य है।
5 चुंबक और चुंबकीय गुण (Magnets)
फ्रिज के दरवाज़े पर चिपके चुंबक सबने देखे होंगे। चुंबक कुछ पदार्थों को बिना छुए खींच लेता है। इस भाग में चुंबक के प्रकार, ध्रुव, चुंबकीय पदार्थ और चुंबकीय क्षेत्र को सरल ढंग से समझाया गया है। यह विद्युत-चुंबकत्व का आधार भी है।
- प्राकृतिक चुंबक (मैग्नेटाइट, Fe₃O₄), जिसे लोडस्टोन भी कहते हैं। कृत्रिम चुंबक: छड़, घोड़ा-नाल, गोलाकार आदि।
- प्रत्येक चुंबक के दो ध्रुव (उत्तरी N और दक्षिणी S) होते हैं। ध्रुवों पर आकर्षण सर्वाधिक होता है।
- विजातीय ध्रुव आकर्षित और सजातीय ध्रुव प्रतिकर्षित करते हैं।
- एकल ध्रुव नहीं होता। चुंबक को तोड़ने पर हर टुकड़ा पुनः दो ध्रुवों वाला चुंबक बन जाता है।
- स्वतंत्र रूप से लटका चुंबक उत्तर-दक्षिण दिशा में ठहरता है। इसी पर दिशा-सूचक (कंपास) आधारित है।
- चुंबकत्व की निश्चित परीक्षा प्रतिकर्षण है, आकर्षण नहीं (क्योंकि चुंबक लोहे को भी खींचता है)।
| प्रकार | उदाहरण |
|---|---|
| चुंबकीय पदार्थ | लोहा, निकल, कोबाल्ट, इस्पात |
| अचुंबकीय पदार्थ | प्लास्टिक, काँच, लकड़ी, ताँबा, ऐलुमिनियम, रबर |
- चुंबकीय क्षेत्र: चुंबक के चारों ओर का वह क्षेत्र जिसमें उसका प्रभाव अनुभव हो।
- चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ: चुंबक के बाहर उत्तरी ध्रुव से दक्षिणी ध्रुव की ओर और अंदर दक्षिण से उत्तर की ओर; ये बंद वक्र बनाती हैं और कभी एक-दूसरे को नहीं काटतीं। जहाँ रेखाएँ पास-पास, वहाँ क्षेत्र प्रबल।
- पृथ्वी स्वयं एक विशाल चुंबक है। भौगोलिक उत्तर के पास पृथ्वी के चुंबक का दक्षिणी ध्रुव स्थित है, इसीलिए कंपास की उत्तरी सुई उधर मुड़ती है।
- चुंबक बनाना: स्थायी चुंबक पर लोहे को एक ही दिशा में रगड़ना, या विद्युत धारा से।
- चुंबक का क्षय: गर्म करने, पीटने या ऊँचाई से गिराने पर चुंबकत्व घटता है।
- रखरखाव: चुंबक को कीपर (लोहे के टुकड़े) लगाकर रखते हैं।
चुंबक के उपयोग
- कंपास, फ्रिज का दरवाज़ा, दरवाज़े का लैच, स्पीकर और माइक्रोफ़ोन।
- विद्युत मोटर और जनरेटर, मैग्लेव ट्रेन।
- क्रेन द्वारा लोहे का कबाड़ उठाना, डेटा-भंडारण, MRI मशीन।
6 विद्युत-चुंबकत्व, विद्युत मोटर और जनित्र (Electromagnetism)
बिजली और चुंबकत्व एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हैं। यह संबंध 1820 में ऑरस्टेड ने खोजा और फिर फ़ैराडे ने उसे आगे बढ़ाया। इसी खोज पर हमारे पंखे, मोटर, बिजली-घर और ट्रांसफ़ॉर्मर टिके हैं।
- ऑरस्टेड का प्रयोग (1820): धारावाही तार के पास रखी चुंबकीय सुई विक्षेपित होती है, यानी धारा चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करती है।
- दाएँ हाथ के अँगूठे का नियम (मैक्सवेल): अँगूठा धारा की दिशा में हो तो मुड़ी उँगलियाँ चुंबकीय क्षेत्र की दिशा बताती हैं।
- विद्युत-चुंबक (Electromagnet): नरम लोहे की कोर पर तार लपेटकर धारा प्रवाहित करने पर बनने वाला अस्थायी चुंबक। धारा बंद, चुंबकत्व समाप्त।
- शक्ति बढ़ाने के उपाय: फेरों की संख्या बढ़ाना, धारा बढ़ाना, कोर लगाना।
- उपयोग: विद्युत घंटी, क्रेन, टेलीग्राफ़, रिले, लाउडस्पीकर।
विद्युत मोटर और जनित्र
| आधार | विद्युत मोटर | विद्युत जनित्र (डायनेमो) |
|---|---|---|
| रूपांतरण | विद्युत → यांत्रिक ऊर्जा | यांत्रिक → विद्युत ऊर्जा |
| सिद्धांत | चुंबकीय क्षेत्र में धारावाही चालक पर बल | वैद्युत-चुंबकीय प्रेरण |
| नियम | फ़्लेमिंग का बाएँ हाथ का नियम | फ़्लेमिंग का दाएँ हाथ का नियम |
| उदाहरण | पंखा, मिक्सर, पंप | बिजली-घर, साइकिल डायनेमो |
- वैद्युत-चुंबकीय प्रेरण (फ़ैराडे, 1831): चुंबकीय क्षेत्र में परिवर्तन से चालक में धारा/emf उत्पन्न होना।
- बिजली-घरों में टरबाइन घूमकर जनित्र चलाती है; भाप (ताप), जल (जल-विद्युत), हवा, परमाणु ऊर्जा से।
- ट्रांसफ़ॉर्मर AC का वोल्टेज बदलता है; यह प्रेरण पर कार्य करता है, केवल AC पर।
7 स्थिर-वैद्युतिकी, बिजली गिरना और विद्युत के स्रोत (Static Electricity and Cells)
सूखे बालों में कंघी करने पर बाल खिंचते हैं, और बादलों की गर्जना के साथ बिजली चमकती है। ये दोनों स्थिर विद्युत के रूप हैं। इसके साथ यह भी समझना ज़रूरी है कि बैटरी और सेल कैसे विद्युत प्रदान करते हैं।
- रगड़ से आवेश: काँच की छड़ को रेशम से रगड़ने पर काँच धन और रेशम ऋण आवेशित होता है। एबोनाइट को ऊन/फ़र से रगड़ने पर एबोनाइट ऋण।
- केवल इलेक्ट्रॉनों का स्थानांतरण होता है।
- विद्युत-दर्शी (Electroscope): आवेश की उपस्थिति जाँचने का यंत्र; पत्तियाँ फैलती हैं।
- आकाशीय बिजली: बादलों में आवेश इकट्ठा होने से धरती तक विद्युत-विसर्जन।
- तड़ित चालक (Lightning Conductor): ऊँची इमारतों पर नुकीली धातु की छड़, जो आवेश को सुरक्षित रूप से धरती तक पहुँचाती है। इसका आविष्कार बेंजामिन फ्रैंकलिन ने किया।
बिजली गिरने के समय सावधानी
- खुले मैदान, पेड़ के नीचे या जलाशय के पास न रहें; पक्के मकान के भीतर जाएँ।
- धातु की वस्तुएँ और बिजली के उपकरण न छुएँ।
- झुककर, पंजों के बल बैठें; जमीन पर न लेटें।
- मोबाइल एप जैसे दामिनी से पूर्व-चेतावनी मिल सकती है।
विद्युत सेल
| सेल | विशेषता |
|---|---|
| प्राथमिक सेल | फिर चार्ज नहीं होते (शुष्क सेल, बटन सेल) |
| द्वितीयक सेल | दोबारा चार्ज हो सकते हैं (लेड-एसिड बैटरी, लिथियम-आयन) |
| सौर सेल | सूर्य के प्रकाश को सीधे विद्युत में बदलते हैं |
- वोल्टा ने पहला सेल (वोल्टीय सेल) बनाया।
- वाहन की बैटरी: लेड-एसिड संचायक सेल, प्रायः 12 V।
- बैटरी = कई सेलों का संयोजन।
- खराब बैटरियों का निपटान सुरक्षित ढंग से (ई-कचरा नियमों के अनुसार) करना चाहिए।
8 NEP-2020 एवं NCF-SE के संदर्भ में: विद्युत और चुंबकत्व का शिक्षण
विद्युत और चुंबकत्व ऐसे विषय हैं जिनमें बच्चे सीधे परिपथ बनाकर और चुंबक से खेलकर ही सच्ची समझ पाते हैं। इसलिए इनका शिक्षण प्रयोग, अवलोकन और सुरक्षा-शिक्षा के साथ होना चाहिए। नीचे कक्षा में अपनाने योग्य गतिविधियाँ और सावधानियाँ दी गई हैं।
- सरल परिपथ-निर्माण: सेल, तार, बल्ब और स्विच जोड़कर परिपथ बनाना; श्रेणी और समानांतर की तुलना।
- चालक-कुचालक परीक्षण: अलग-अलग वस्तुओं को परिपथ में जोड़कर जाँचना।
- चुंबक के साथ खेल: कौन-सी वस्तुएँ चिपकती हैं, इसकी सूची; कंपास से दिशा खोजना।
- घरेलू विद्युत-ऊर्जा का ऑडिट: घर में उपकरणों की वाट-क्षमता लिखकर मासिक यूनिट का अनुमान।
- सुरक्षा शिक्षा: घरेलू आपूर्ति (220 V) से कभी प्रयोग न कराएँ; कक्षा-प्रयोग केवल सेल/बैटरी से।
- परियोजना: विद्युत-चुंबक या बैटरी से चलने वाली खिलौना-मोटर बनाना।
NEP-2020 का सार
मुख्य सार: NEP-2020 और NCF-SE करके सीखने, प्रयोग-आधारित और अनुभवजन्य शिक्षण पर बल देते हैं। विद्युत के प्रयोग सुरक्षित, कम लागत वाली सामग्री से कराए जाएँ।
9 Quick Revision — एक नज़र में
परीक्षा से ठीक पहले पूरे टॉपिक को दोहराने के लिए यह भाग है। इसमें सबसे ज़रूरी बातें एक ही जगह दी गई हैं।
10 MCQ Practice (20 प्रश्न)
अब तक जो पढ़ा, उसे परखने के लिए नीचे 20 प्रश्न हैं। किसी विकल्प पर क्लिक करते ही सही उत्तर और उसकी व्याख्या दिख जाएगी।
Q1. विद्युत धारा का SI मात्रक क्या है?
Q2. ऐमीटर को परिपथ में किस प्रकार जोड़ा जाता है?
Q3. ओम का नियम क्या है?
Q4. प्रतिरोध का SI मात्रक क्या है?
Q5. घरों में उपकरण किस क्रम में जोड़े जाते हैं?
Q6. 2 Ω और 4 Ω के श्रेणी-संयोजन का कुल प्रतिरोध कितना होगा?
Q7. विद्युत ऊर्जा की व्यावहारिक इकाई (1 यूनिट) क्या है?
Q8. 100 W का बल्ब 10 घंटे जले तो कितनी यूनिट बिजली खर्च होगी?
Q9. फ़्यूज़ तार की क्या विशेषता होती है?
Q10. बल्ब के तंतु में किस धातु का उपयोग होता है?
Q11. भारत में घरेलू आपूर्ति की आवृत्ति कितनी है?
Q12. अर्थ (भू-संपर्क) तार का सामान्य रंग क्या होता है?
Q13. चुंबक के संबंध में कौन-सा कथन सही है?
Q14. निम्न में से कौन-सा पदार्थ चुंबकीय है?
Q15. चुंबकत्व की निश्चित जाँच क्या है?
Q16. धारा के चुंबकीय प्रभाव की खोज किसने की?
Q17. विद्युत मोटर किस ऊर्जा को किसमें बदलती है?
Q18. वैद्युत-चुंबकीय प्रेरण की खोज किसने की?
Q19. तड़ित चालक का आविष्कार किसने किया?
Q20. ट्रांसफ़ॉर्मर किस प्रकार की धारा पर कार्य करता है?
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