दैनिक उपयोग की सामग्री, पदार्थ एवं पृथक्करण
Join WhatsApp Channel
Get instant updates, mock tests & exam alerts
Subscribe on YouTube
Watch free video lectures & exam strategy tips
1 दैनिक उपयोग की सामग्री एवं उनके गुण (Materials of Daily Use)
हमारे आस-पास की हर वस्तु किसी न किसी सामग्री (Material) से बनी है, जैसे कुर्सी लकड़ी की, बर्तन धातु के, खिड़की काँच की और थैला प्लास्टिक या कपड़े का। सामग्री की पहचान और उपयोग उसके गुणों पर निर्भर करता है। इसलिए सबसे पहले सामग्री के बारे में सामान्य समझ और उनके गुणों का वर्गीकरण जानें।
- सामग्री (Material) = वह पदार्थ जिससे कोई वस्तु बनी हो।
- प्राकृतिक सामग्री: प्रकृति से सीधे प्राप्त, जैसे लकड़ी, कपास, ऊन, रेशम, मिट्टी, पत्थर, चमड़ा।
- मानव-निर्मित सामग्री: मनुष्य द्वारा बनाई गई, जैसे प्लास्टिक, नायलॉन, काँच, काग़ज़, सीमेंट।
| गुण | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|
| चमक (Lustre) | सतह का चमकदार होना | सोना, चाँदी, तांबा |
| कठोरता | खरोंच/दबाव सहने की क्षमता | हीरा (सबसे कठोर), लोहा |
| घुलनशीलता | जल/द्रव में घुलना | नमक, चीनी घुलनशील; रेत, चॉक अघुलनशील |
| पारदर्शिता | प्रकाश का गुज़रना | काँच (पारदर्शी), तेल लगा कागज़ (पारभासी), लकड़ी (अपारदर्शी) |
| तैरना / डूबना | जल में घनत्व के आधार पर | लकड़ी, थर्मोकोल तैरते हैं; लोहे की कील डूबती है |
| चालकता | ऊष्मा/विद्युत का प्रवाह | तांबा, ऐलुमिनियम (सुचालक); प्लास्टिक, रबर (कुचालक) |
| आघातवर्ध्यता, तन्यता | पीटकर पतली चादर, खींचकर तार | सोना, चाँदी, तांबा |
- पारदर्शी: पूरी तरह दिखाई देता है (काँच, साफ़ पानी)। पारभासी (Translucent): धुंधला दिखता है (तेल लगा कागज़, घिसा काँच)। अपारदर्शी (Opaque): पार कुछ नहीं दिखता (लकड़ी, धातु)।
- किसी सामग्री का चयन उसके गुण, मूल्य, सुरक्षा और पर्यावरण पर प्रभाव देखकर किया जाता है।
याद रखें
सामग्री बदलते ही वस्तु का उपयोग बदल जाता है: खाना पकाने के बर्तन धातु के (ऊष्मा के सुचालक), पर हैंडल प्लास्टिक/लकड़ी के (कुचालक)।
2 पदार्थ एवं उसकी अवस्थाएँ (Matter and its States)
जो कुछ भी स्थान घेरता है और जिसमें द्रव्यमान होता है, वह पदार्थ है। पदार्थ अलग-अलग रूपों में मिलता है, जिन्हें अवस्थाएँ कहते हैं। ताप और दाब बदलने पर पदार्थ एक अवस्था से दूसरी में बदल सकता है, और यह परिवर्तन रोज़मर्रा की कई चीज़ों में दिखता है।
परिभाषा
पदार्थ (Matter) = वह वस्तु जो स्थान घेरती है और जिसमें द्रव्यमान होता है।
| अवस्था | आकार | आयतन | कणों की स्थिति |
|---|---|---|---|
| ठोस | निश्चित | निश्चित | बहुत पास-पास, बंधे हुए |
| द्रव | अनिश्चित (बर्तन जैसा) | निश्चित | कम पास, खिसक सकते हैं |
| गैस | अनिश्चित | अनिश्चित | बहुत दूर-दूर, तेज़ गति |
- पदार्थ कणों से बना है। कणों के बीच रिक्त स्थान और आकर्षण-बल होता है।
- प्रसार (Diffusion): कणों का स्वतः मिलना। गैसों में सबसे तेज़ (इत्र की गंध फैलना)।
- संपीड्यता: गैसें आसानी से दबाई जा सकती हैं (LPG सिलेंडर, CNG)। ठोस और द्रव लगभग नहीं।
- पदार्थ की चौथी अवस्था प्लाज़्मा (तारे, बिजली) और पाँचवीं बोस-आइंस्टाइन संघनित (BEC) अवस्था भी मानी जाती है।
अवस्था परिवर्तन
| परिवर्तन | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|
| गलन (Melting) | ठोस से द्रव (गलनांक) | बर्फ का पिघलना (0°C) |
| हिमीकरण / जमना | द्रव से ठोस | पानी से बर्फ |
| वाष्पीकरण | द्रव से गैस | कपड़े सूखना, उबलना |
| संघनन | गैस से द्रव | ठंडे गिलास पर पानी की बूँदें |
| ऊर्ध्वपातन (Sublimation) | ठोस से सीधे गैस और वापस | कपूर, नेफ़थलीन, नौसादर, आयोडीन, शुष्क बर्फ |
- जल का गलनांक 0°C और क्वथनांक 100°C (सामान्य दाब पर) है।
- वाष्पीकरण हर ताप पर होता है और केवल सतह पर; क्वथन (उबलना) निश्चित ताप पर पूरे द्रव में।
- वाष्पीकरण से शीतलता आती है। इसलिए पसीना सूखने पर ठंडक लगती है और मटके का पानी ठंडा रहता है।
- वाष्पीकरण की दर ताप, सतह-क्षेत्र, आर्द्रता और पवन-गति पर निर्भर है।
भ्रम से बचें
पानी का गलनांक और हिमांक एक ही ताप 0°C होता है, पर अलग प्रक्रियाएँ हैं (गलन: ठोस से द्रव; हिमीकरण: द्रव से ठोस)।
3 पदार्थों का वर्गीकरण: तत्व, यौगिक, मिश्रण, विलयन (Classification of Matter)
पदार्थों को उनकी शुद्धता और बनावट के आधार पर वर्गों में बाँटा जाता है। यह वर्गीकरण रसायन विज्ञान की नींव है, क्योंकि इसी से तय होता है कि किसी पदार्थ को अलग कैसे करना है या उसका उपयोग कैसे होगा। यहाँ तत्व, यौगिक, मिश्रण और विलयन के अंतर को साफ़ तरीके से समझाया गया है।
| प्रकार | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|
| तत्व (Element) | एक ही प्रकार के परमाणु; इसे रासायनिक विधि से और सरल पदार्थों में नहीं तोड़ा जा सकता | सोना, ऑक्सीजन, लोहा, कार्बन |
| यौगिक (Compound) | दो या अधिक तत्व निश्चित अनुपात में रासायनिक रूप से जुड़े | जल (H₂O), नमक (NaCl), CO₂ |
| मिश्रण (Mixture) | दो या अधिक पदार्थ किसी भी अनुपात में, बिना रासायनिक बंधन | वायु, शरबत, मिट्टी |
- तत्वों की संख्या: आवर्त सारणी में 118 तत्व हैं।
- धातुएँ (लोहा, तांबा), अधातुएँ (कार्बन, सल्फर, ऑक्सीजन) और उपधातुएँ (सिलिकॉन, जर्मेनियम, आर्सेनिक)।
- पारा (Mercury) कमरे के ताप पर द्रव धातु है; ब्रोमीन द्रव अधातु है।
- ग्रेफ़ाइट अधातु होकर भी विद्युत का सुचालक है; हीरा कार्बन का सबसे कठोर रूप है।
मिश्रण के प्रकार
| प्रकार | विशेषता | उदाहरण |
|---|---|---|
| समांगी (Homogeneous) | पूरा एक-सा; घटक दिखाई नहीं देते | नमक का घोल, शरबत, वायु |
| विषमांगी (Heterogeneous) | घटक अलग-अलग दिखते हैं | रेत + पानी, तेल + पानी, सलाद |
विलयन, निलंबन, कोलाइड
| आधार | विलयन | कोलाइड | निलंबन |
|---|---|---|---|
| कण का आकार | बहुत छोटे | मध्यम | बड़े |
| स्थायित्व | स्थायी | प्रायः स्थायी | टिकते नहीं, बैठ जाते हैं |
| टिंडल प्रभाव | नहीं | हाँ | हाँ |
| उदाहरण | नमक/चीनी का घोल | दूध, धुँआ, कोहरा, मक्खन | रेत/चॉक का घोल |
- विलयन में विलेय (घुलने वाला) और विलायक (जिसमें घुले) होते हैं। जल को सार्वभौमिक विलायक कहते हैं।
- टिंडल प्रभाव: कोलाइड कणों द्वारा प्रकाश का प्रकीर्णन। घने जंगल में धूप की किरणें दिखना इसका उदाहरण है।
- संतृप्त विलयन: किसी ताप पर जिसमें और विलेय नहीं घुल सकता।
मिश्र धातुएँ (Alloys)
| मिश्र धातु | घटक |
|---|---|
| पीतल (Brass) | तांबा + जस्ता |
| काँसा (Bronze) | तांबा + टिन |
| स्टील | लोहा + कार्बन (कम मात्रा) |
| स्टेनलेस स्टील | लोहा + क्रोमियम + निकल |
| सोल्डर | सीसा + टिन |
4 भौतिक और रासायनिक परिवर्तन (Physical and Chemical Changes)
जब कोई पदार्थ बदलता है, तो कभी केवल उसका रूप बदलता है और कभी उसका स्वभाव ही बदल जाता है। इन्हीं दो प्रकार के परिवर्तनों को भौतिक और रासायनिक परिवर्तन कहते हैं। कक्षा में अंतर समझाने के लिए दैनिक उदाहरणों का उपयोग सबसे प्रभावी है।
| आधार | भौतिक परिवर्तन | रासायनिक परिवर्तन |
|---|---|---|
| नया पदार्थ | नहीं बनता | नया पदार्थ बनता है |
| उत्क्रमणीयता | प्रायः उत्क्रमणीय | प्रायः अनुत्क्रमणीय |
| गुण | केवल भौतिक गुण बदलते हैं | रासायनिक गुण भी बदलते हैं |
| उदाहरण | बर्फ पिघलना, कागज़ फाड़ना, नमक घुलना | लोहे में जंग, दूध से दही, लकड़ी जलना, भोजन पचना |
- रासायनिक परिवर्तन के संकेत: गैस निकलना, रंग बदलना, अवक्षेप (अवशेष) बनना, ऊष्मा/प्रकाश निकलना या सोखना, गंध बदलना।
- क्रिस्टलीकरण (Crystallisation) एक भौतिक परिवर्तन है, जिसमें घोल से शुद्ध क्रिस्टल प्राप्त किए जाते हैं।
जंग लगना (Rusting)
- लोहे पर ऑक्सीजन और नमी (जल) की उपस्थिति में जंग (हाइड्रेटेड आयरन ऑक्साइड) बनती है। यह रासायनिक परिवर्तन है।
- जंग से बचाव: पेंट करना, तेल/ग्रीस लगाना, यशदलेपन (Galvanisation: जस्ते की परत), क्रोम-प्लेटिंग, मिश्र धातु (स्टेनलेस स्टील) बनाना।
भ्रम से बचें
"पानी का भाप बनना" भौतिक परिवर्तन है, क्योंकि रासायनिक संघटन (H₂O) वही रहता है। "मोमबत्ती का जलना" में दोनों होते हैं: मोम का पिघलना (भौतिक) और जलना (रासायनिक)।
5 पदार्थों का पृथक्करण (Separation of Substances)
हमें जो चीज़ें मिलती हैं वे अक्सर मिश्रण होती हैं, जैसे अनाज में कंकड़ या दूध में मलाई। उपयोगी घटक अलग करने के लिए पृथक्करण की अनेक विधियाँ हैं। सही विधि का चुनाव इस पर निर्भर करता है कि घटकों के गुणों में क्या अंतर है, जैसे आकार, भार, घुलनशीलता, क्वथनांक या चुंबकत्व।
| विधि | आधार / उपयोग | उदाहरण |
|---|---|---|
| हस्त-चयन (Handpicking) | आकार, रंग का अंतर | दाल से कंकड़ चुनना |
| छलनी से छानना (Sieving) | कणों का आकार | आटे से चोकर, रेत से कंकड़ |
| ओसाई (Winnowing) | हल्के/भारी का अंतर, हवा | भूसा और अनाज |
| अवसादन और निस्तारण | भारी कण नीचे बैठते हैं; ऊपर का द्रव अलग करना | गंदा पानी, रेत-पानी |
| निस्यंदन (Filtration) | अघुलनशील ठोस को द्रव से अलग; छन्ना-कागज़ | चाय छानना, कॉफ़ी का घोल |
| वाष्पीकरण | विलायक उड़ाकर ठोस पाना | समुद्री जल से नमक |
| क्रिस्टलीकरण | घोल ठंडा करके शुद्ध क्रिस्टल | फिटकरी, शक्कर, नीला थोथा |
| आसवन (Distillation) | क्वथनांकों का अंतर; वाष्प को ठंडा कर द्रव | आसुत जल बनाना, एल्कोहल-जल |
| प्रभाजी आसवन | निकट क्वथनांक वाले द्रवों के लिए | कच्चा तेल, द्रव वायु |
| पृथक्कारी कीप | न मिलने वाले द्रव (अमिश्रणीय) | तेल और पानी |
| अपकेंद्रण (Centrifugation) | तेज़ घुमाकर भारी/हल्का अलग | दूध से क्रीम, मक्खन |
| चुंबकीय पृथक्करण | चुंबक द्वारा लोहे जैसे पदार्थ | रेत से लोहे का चूरा |
| ऊर्ध्वपातन | एक घटक ऊर्ध्वपातित हो | नौसादर + रेत, कपूर + नमक |
| क्रोमैटोग्राफी | अलग गति से बहना (रंजक) | स्याही के रंग, पत्तियों के वर्णक |
- आसवन की विधि से बना शुद्ध पानी आसुत जल (Distilled Water) कहलाता है।
- गहाई (Threshing) डंठल से दाने को अलग करना है।
- एक से अधिक विधियाँ मिलाकर भी काम होता है, जैसे नमक + रेत + पानी: छानना, फिर वाष्पीकरण।
याद रखें
विधि चुनने का सूत्र: पहले देखो घटकों में अंतर किसमें है: आकार, घुलनशीलता, क्वथनांक, चुंबकत्व, घनत्व या ऊर्ध्वपातन।
6 जल: शुद्ध, कठोर और मृदु जल (Water)
जल जीवन के लिए अनिवार्य है और सबसे अधिक उपयोग होने वाला दैनिक पदार्थ भी। पर हर जल एक-सा नहीं होता, कहीं वह साबुन से झाग देता है और कहीं नहीं। इस भाग में जल के गुण, कठोर और मृदु जल का अंतर और जल के उपयोग को देखें।
- जल का सूत्र H₂O है: हाइड्रोजन के दो परमाणु और ऑक्सीजन का एक परमाणु।
- जल सार्वभौमिक विलायक है, इसलिए प्राकृतिक जल में लवण, गैसें और अशुद्धियाँ घुली रहती हैं।
- जल का घनत्व 4°C पर अधिकतम होता है। इसी कारण ठंडे क्षेत्रों में झीलें ऊपर से जमती हैं और नीचे जलीय जीव सुरक्षित रहते हैं।
- बर्फ पानी से हल्की होने के कारण पानी पर तैरती है।
| आधार | मृदु जल | कठोर जल |
|---|---|---|
| साबुन से झाग | आसानी से | कठिनाई से, छिछला (शुष्क मैल बनता है) |
| कारण | Ca, Mg के लवण नहीं या कम | कैल्शियम और मैग्नीशियम के बाइकार्बोनेट, क्लोराइड, सल्फेट |
| उदाहरण | वर्षा-जल, आसुत जल | कुएँ/नलकूप का जल |
- अस्थायी कठोरता: बाइकार्बोनेट से; उबालने से दूर।
- स्थायी कठोरता: क्लोराइड/सल्फेट से; धोने का सोडा या आयन-विनिमय से दूर।
जल का शुद्धीकरण
- अवसादन → निस्यंदन → क्लोरीनीकरण शहरों में जल-शुद्धिकरण का मुख्य क्रम है।
- फिटकरी डालने से गंदगी के कण थक्का बनाकर नीचे बैठते हैं।
- उबालना, छानना, UV, RO घरेलू स्तर पर।
NEP-2020 से जुड़ाव
NEP-2020 और NCF-SE जल-संरक्षण और स्वच्छ जल की उपलब्धता को पर्यावरण-शिक्षा का हिस्सा मानते हैं। बच्चे जल के नमूने इकट्ठा करके जाँच/तुलना जैसे प्रोजेक्ट कर सकते हैं।
7 वायु: संघटन एवं गुण (Air)
हम वायु को देख नहीं सकते, पर वह हर जगह है और हर साँस के साथ शरीर में जाती है। वायु अकेला पदार्थ नहीं, बल्कि कई गैसों का मिश्रण है। इसके संघटन की जानकारी आगे श्वसन, दहन, प्रदूषण और ओजोन परत जैसे कई विषयों को समझने के लिए ज़रूरी है।
| गैस | लगभग प्रतिशत (आयतन) |
|---|---|
| नाइट्रोजन (N₂) | 78% |
| ऑक्सीजन (O₂) | 21% |
| आर्गन (Ar) | लगभग 0.93% |
| कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) | लगभग 0.04% |
| अन्य (नियॉन, हीलियम, जलवाष्प आदि) | अल्प मात्रा |
- ऑक्सीजन श्वसन और दहन में सहायक है; स्वयं नहीं जलती।
- नाइट्रोजन दहन में सहायक नहीं; पौधों के लिए आवश्यक पर सीधे उपयोग योग्य नहीं।
- कार्बन डाइऑक्साइड चूने के पानी को दूधिया कर देती है। यह प्रकाश-संश्लेषण में काम आती है और हरित गृह प्रभाव की गैस है।
- दहन (Combustion) के लिए तीन चीज़ें चाहिए: ईंधन, ऑक्सीजन और ताप (जलने का ताप)। इनमें से एक हटाने से आग बुझती है।
- आग बुझाने में: पानी (ताप घटाता है), CO₂ अग्निशामक (ऑक्सीजन की आपूर्ति काटता है)। बिजली या तेल की आग में पानी का उपयोग नहीं करना चाहिए।
याद रखें
चूने का पानी + CO₂ → दूधिया। यही परीक्षा में सबसे पूछा जाने वाला CO₂ की पहचान का परीक्षण है।
8 रेशे, कपड़े, प्लास्टिक एवं बहुलक (Fibres, Fabrics and Plastics)
हमारे कपड़े, थैले, बोतलें और खिलौने जिन पदार्थों से बनते हैं, उनमें से अधिकांश रेशों या प्लास्टिक से आते हैं। इनके स्रोत और गुण जानना ज़रूरी है, ख़ासकर इसलिए कि प्लास्टिक पर्यावरण से जुड़ी बड़ी समस्या बन चुका है। यहाँ रेशों और प्लास्टिक दोनों का वैज्ञानिक परिचय है।
| प्रकार | स्रोत | उदाहरण |
|---|---|---|
| प्राकृतिक रेशे (पादप) | पौधों से | कपास (बीज का रेशा), जूट (तना), नारियल का रेशा |
| प्राकृतिक रेशे (जन्तु) | जन्तुओं से | ऊन (भेड़, बकरी), रेशम (रेशम कीट) |
| कृत्रिम रेशे | रासायनिक संश्लेषण से | नायलॉन, पॉलिएस्टर, एक्रिलिक |
| अर्ध-कृत्रिम | पौधे के सेलुलोज़ से संसाधित | रेयॉन |
- रेशम रेशम-कीट के कोकून (ककून) से प्राप्त होता है। रेशम-उत्पादन (सेरीकल्चर) झारखंड में तसर रेशम के लिए प्रसिद्ध है।
- कृत्रिम रेशे मज़बूत, कम सिकुड़ने वाले, पर कम हवादार; ये ज्वलनशील हैं और पिघलकर त्वचा से चिपक सकते हैं, इसलिए आग के पास सावधानी चाहिए।
- नायलॉन पहला पूरी तरह संश्लेषित रेशा है।
प्लास्टिक
- प्लास्टिक बहुलक (Polymer) हैं, यानी मोनोमर नामक छोटे अणुओं की लंबी शृंखला।
- थर्मोप्लास्टिक: गर्म करने पर नरम होकर दोबारा ढाले जा सकते हैं। जैसे पॉलीथीन, PVC।
- थर्मोसेटिंग प्लास्टिक: एक बार ढलने के बाद दोबारा नहीं पिघलते। जैसे बेकेलाइट, मेलामाइन (बर्तन, बिजली के स्विच)।
- प्लास्टिक अजैव-निम्नीकरणीय (Non-biodegradable) होते हैं, यानी सड़ते नहीं, इसलिए प्रदूषण करते हैं।
- 4R सिद्धांत: Reduce (कम उपयोग), Reuse (दोबारा उपयोग), Recycle (पुनर्चक्रण), Recover (पुनः प्राप्ति)।
- भारत में कुछ एकल-उपयोग प्लास्टिक वस्तुओं पर 1 जुलाई 2022 से प्रतिबंध लागू हुआ।
NEP-2020 से जुड़ाव
NEP-2020 और NCF-SE पर्यावरण-संवेदनशीलता, सतत जीवन-शैली और कचरा-प्रबंधन को शिक्षा का हिस्सा मानते हैं। बच्चों को प्लास्टिक का कम उपयोग और पुनर्चक्रण की आदतें सिखाई जानी चाहिए।
9 NEP-2020 एवं NCF-SE के संदर्भ में: पदार्थों का शिक्षण
पदार्थ और उसके गुणों की समझ बच्चे को वस्तुओं के साथ खेलने, परखने और तुलना करने से मिलती है, केवल परिभाषाएँ रटने से नहीं। नई नीति इसी प्रक्रिया को शिक्षण का आधार बनाती है। नीचे कक्षा में इन विषयों के शिक्षण के लिए उपयोगी बिंदु हैं।
- अवलोकन और वर्गीकरण: बच्चों को रोज़ की वस्तुएँ देकर चमक, कठोरता, घुलनशीलता, तैरने-डूबने के आधार पर समूह बनाने दें।
- साधारण प्रयोग: नमक-चीनी का घुलना, रेत-नमक का पृथक्करण, चुंबक से लोहे का चूरा अलग करना, स्याही की क्रोमैटोग्राफी।
- जीवन से जुड़ाव: रसोई का विज्ञान (दही जमना, उबलना, छानना), कपड़ों की पहचान, कचरे का प्रबंधन।
- सुरक्षा: रसायनों और गर्म वस्तुओं के साथ सावधानी, मौखिक निर्देश और शिक्षक की देखरेख।
- स्थानीय संसाधन: कम लागत वाली, स्थानीय सामग्री से प्रयोग (कप, बोतल, मिट्टी, चुंबक)।
- अवधारणात्मक समझ: परिभाषा रटाने की जगह यह पूछना कि "यह ऐसा क्यों होता है?"
NEP-2020 का सार
मुख्य सार: NEP-2020 और NCF-SE रटने की जगह अवलोकन, प्रयोग, वर्गीकरण और तर्क पर बल देते हैं। पदार्थ-संबंधी विषय इन्हीं गतिविधियों के लिए आदर्श हैं।
10 Quick Revision — एक नज़र में
परीक्षा से ठीक पहले पूरे टॉपिक को दोहराने के लिए यह भाग है। इसमें सबसे ज़रूरी बातें एक ही जगह दी गई हैं।
11 MCQ Practice (20 प्रश्न)
अब तक जो पढ़ा, उसे परखने के लिए नीचे 20 प्रश्न हैं। किसी विकल्प पर क्लिक करते ही सही उत्तर और उसकी व्याख्या दिख जाएगी।
Q1. वह पदार्थ जो प्रकाश को बिलकुल नहीं गुज़रने देता, कहलाता है
Q2. ठोस से सीधे गैस और गैस से सीधे ठोस में बदलने की क्रिया क्या है?
Q3. निम्नलिखित में से कौन-सा पदार्थ ऊर्ध्वपातित होता है?
Q4. जल का क्वथनांक सामान्य दाब पर कितना होता है?
Q5. दूध किस प्रकार का मिश्रण है?
Q6. टिंडल प्रभाव किसमें दिखाई देता है?
Q7. पीतल किन दो धातुओं का मिश्र धातु है?
Q8. जंग लगने के लिए आवश्यक है
Q9. निम्न में से कौन-सा परिवर्तन रासायनिक है?
Q10. समुद्री जल से नमक प्राप्त करने की विधि है
Q11. दूध से मलाई/क्रीम अलग करने की विधि क्या है?
Q12. तेल और पानी जैसे अमिश्रणीय द्रवों को अलग करने के लिए क्या उपयोग होता है?
Q13. आसुत जल कैसे प्राप्त होता है?
Q14. कठोर जल में कौन-से लवण होते हैं?
Q15. वायु में सबसे अधिक मात्रा में कौन-सी गैस है?
Q16. चूने का पानी किस गैस से दूधिया होता है?
Q17. दहन के लिए आवश्यक तीन चीज़ें हैं
Q18. निम्नलिखित में से कौन-सा कृत्रिम रेशा है?
Q19. बेकेलाइट किस प्रकार का प्लास्टिक है?
Q20. निम्न में से कौन-सा एक यौगिक है?
Join WhatsApp Channel
Get instant updates, mock tests & exam alerts
Subscribe on YouTube
Watch free video lectures & exam strategy tips
| Category | JTET Resources |
|---|---|
| Practice Set | View Practice Set → |
| PYQ (Previous Year Papers) | View PYQ → |
| Notes | View Notes → |
| Syllabus | View Syllabus → |
| Admit Card | View Admit Card → |
| Exam Date | View Exam Date → |