जल के स्रोत एवं जल भण्डारण
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1 जल: अर्थ और धरती पर वितरण (Water)
जल के बिना जीवन संभव नहीं है। मनुष्य भोजन के बिना कई दिन जी सकता है, पर पानी के बिना बहुत कम समय तक। पृथ्वी का लगभग तीन-चौथाई भाग जल से ढका है, फिर भी पीने योग्य मीठा जल बहुत थोड़ा है, इसीलिए जल-स्रोतों को जानना और बचाना ज़रूरी है।
- पृथ्वी की सतह का लगभग 71% भाग जल से ढका है।
- कुल जल का लगभग 97% समुद्र का खारा पानी है; मीठा जल लगभग 3% ही है।
- इस मीठे जल का भी बड़ा भाग हिमनदों (ग्लेशियर) और बर्फ़ की चोटियों में जमा है; मनुष्य के उपयोग के लिए नदी-झील-भूजल का बहुत थोड़ा भाग उपलब्ध है।
- जल तीन अवस्थाओं में मिलता है: ठोस (बर्फ़), द्रव (पानी) और गैस (वाष्प)।
- जल चक्र: वाष्पीकरण → संघनन (बादल) → वर्षा → नदी/भूजल → पुनः समुद्र।
2 जल के स्रोत: प्राकृतिक और कृत्रिम (Sources of Water)
हमें पानी अनेक स्रोतों से मिलता है। कुछ स्रोत प्रकृति ने दिए हैं, जबकि कुछ मनुष्य ने बनाए हैं। स्रोत का प्रकार जगह, मौसम और जलवायु पर निर्भर करता है। गाँव और शहर के जल-स्रोत भी अलग होते हैं।
| प्रकार | स्रोत | उदाहरण / टिप्पणी |
|---|---|---|
| प्राकृतिक — सतही | नदी, झील, तालाब, झरना, समुद्र | दामोदर, स्वर्णरेखा, कोयल; झारखंड के झरने (हुंडरू, दशम) |
| प्राकृतिक — वर्षा | बारिश का जल | वर्षा-जल संचयन में |
| प्राकृतिक — भूमिगत | भूजल, चश्मे (स्प्रिंग) | कुआँ, नलकूप, हैंडपंप |
| प्राकृतिक — बर्फ़ | ग्लेशियर, बर्फ़ीली चोटियाँ | गंगा, यमुना जैसी नदियों के स्रोत |
| कृत्रिम | कुआँ, तालाब (खुदा हुआ), नहर, बाँध, जलाशय, टंकी, नलकूप, हैंडपंप | सिंचाई और पेयजल हेतु |
| आधुनिक आपूर्ति | नल जल, टैंकर, बोतलबंद पानी, RO | शहरों में आम |
- कुआँ: ज़मीन में खोदा गया गड्ढा जिसमें भूजल रिसकर इकट्ठा होता है।
- हैंडपंप / चापाकल: पाइप से भूजल खींचने का साधन; झारखंड में "चापाकल" प्रचलित है।
- झारखंड में डोभा (छोटे जल-कुंड) और आहर-पईन जैसे पारंपरिक ढाँचे भी जल-संचयन के साधन रहे हैं।
- नहर: बाँध/नदी से खेतों तक पानी ले जाने की कृत्रिम धारा।
- बाँध: नदी के प्रवाह को रोककर बनाई गई दीवार जिससे जलाशय बनता है (जैसे मैथन, पंचेत, तिलैया, तेनुघाट)।
3 पेयजल की शुद्धता और जल-शुद्धिकरण
हर स्रोत का पानी सीधे पीने के लिए सुरक्षित नहीं होता। गंदे पानी में रोगाणु होते हैं जो हैजा, टाइफाइड, पेचिश, पीलिया और डायरिया जैसे रोग फैलाते हैं। इसलिए पानी को शुद्ध करके ही पीना चाहिए, चाहे गाँव हो या शहर।
| तरीका | कैसे काम करता है |
|---|---|
| उबालना | कम से कम कुछ मिनट खौलाने से अधिकांश रोगाणु मरते हैं |
| छानना (कपड़े से) | बड़े कण और गंदगी अलग |
| फिटकरी डालना | गंदगी के कण नीचे बैठ जाते हैं (स्कंदन) |
| क्लोरीन की गोलियाँ / ब्लीचिंग पाउडर | रोगाणुनाशन; निश्चित मात्रा में |
| फिल्टर (मोमबत्ती/कैंडल) | कण छानना |
| RO / UV | आधुनिक शुद्धिकरण; RO में पानी का अपव्यय भी होता है |
| सौर कीटाणुशोधन (SODIS) | पारदर्शी बोतल में धूप में रखना |
- ORS (ओआरएस) और ज़िंक डायरिया में जान बचाते हैं।
- हैंडपंप के आस-पास गंदगी, शौचालय या कचरा न होने दें ताकि भूजल दूषित न हो।
- हैंडपंप में आर्सेनिक या फ्लोराइड हो सकता है; पानी की जाँच कराना और लाल निशान वाले हैंडपंप का पानी न पीना; कई राज्यों में असुरक्षित हैंडपंप पर लाल रंग लगाया जाता है।
- झारखंड के कुछ ज़िलों में पानी में फ्लोराइड/आयरन की समस्या की रिपोर्ट मिलती है; जाँच के बाद ही स्रोत का चयन करें।
भ्रम से बचें
केवल "साफ़ दिखने" वाला पानी सुरक्षित नहीं होता; सूक्ष्मजीव आँख से नहीं दिखते।
4 जल भंडारण: तरीके और सावधानियाँ (Water Storage)
जल हर समय उपलब्ध नहीं रहता, इसलिए उसे बाद में उपयोग के लिए जमा करना पड़ता है। भंडारण का तरीका ऐसा हो कि पानी साफ़ रहे और उसमें मच्छर या कीटाणु न पनपें। परंपरागत और आधुनिक दोनों तरीके अपनी जगह महत्त्वपूर्ण हैं।
| साधन | विशेषता |
|---|---|
| मटका / घड़ा (मिट्टी) | पानी ठंडा रहता है (वाष्पीकरण से) |
| बाल्टी / ड्रम / टंकी | घरों और बड़े स्तर पर |
| ओवरहेड टंकी | ऊँचाई पर पानी जमा, नलों में दबाव |
| भूमिगत टंकी | शहरों में |
| तालाब / डोभा | गाँव में सामुदायिक भंडारण और पशुओं के लिए |
| जलाशय / बाँध | बड़े पैमाने पर; सिंचाई और बिजली |
| वर्षा-जल संचयन टैंक | छत का पानी इकट्ठा करना |
- भंडारण का बर्तन ढका हुआ हो ताकि धूल, कीड़े और मच्छर न पड़ें।
- पानी निकालने के लिए लंबी डंडी वाला साफ़ पात्र/टोंटी हो; गंदा हाथ न डालें।
- टंकी की सफाई नियमित रूप से (कम से कम साल में दो बार) हो।
- पानी सप्ताह भर से अधिक खुला न रखें; मच्छर अंडे देते हैं।
- मिट्टी के घड़े में रिसने से पानी ठंडा होता है।
5 जल आपूर्ति से जुड़ी सरकारी योजनाएँ
सबको पर्याप्त और सुरक्षित पेयजल देना सरकार की प्राथमिकता है। केंद्र और राज्य सरकारें विभिन्न मिशनों के माध्यम से गाँव-गाँव तक पानी पहुँचा रही हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में इन योजनाओं के नाम और वर्ष अक्सर पूछे जाते हैं।
- जल जीवन मिशन (JJM): 15 अगस्त 2019 को घोषित; लक्ष्य हर ग्रामीण घर में नल से जल (Har Ghar Jal)।
- जल शक्ति मंत्रालय: मई 2019 में बना (जल संसाधन और पेयजल मंत्रालय का विलय)।
- जल शक्ति अभियान (2019): जल संरक्षण पर देशव्यापी अभियान, "Catch the Rain" उसका अंग।
- अटल भूजल योजना (2019 में शुरू): चयनित राज्यों में सामुदायिक भागीदारी से भूजल प्रबंधन।
- अमृत सरोवर मिशन (अप्रैल 2022): हर ज़िले में कम से कम 75 सरोवर बनाने/पुनर्जीवित करने का लक्ष्य, आज़ादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत।
- नमामि गंगे (2014-15): गंगा की स्वच्छता और पुनर्जीवन।
- राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम जल जीवन मिशन में समाहित हो गया।
- झारखंड में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ग्रामीण जलापूर्ति देखता है।
याद रखें
परीक्षा-सुझाव: "नल से जल" = जल जीवन मिशन; "भूजल प्रबंधन" = अटल भूजल योजना; "हर ज़िले में 75 सरोवर" = अमृत सरोवर।
6 NEP-2020 के संदर्भ में: जल-स्रोतों का शिक्षण
जल-शिक्षा तभी असरदार होती है जब बच्चा अपने गाँव या मोहल्ले के असली जल-स्रोतों को देखकर सीखे। हैंडपंप, कुआँ, तालाब और नदी की सैर किताब के पन्नों से ज़्यादा सिखाती है। NEP-2020 और NCF-SE 2023 अनुभव, परियोजना और स्थानीय संदर्भ पर यही ज़ोर देते हैं।
- जल-स्रोत सर्वेक्षण: गाँव/मोहल्ले में कितने स्रोत, कौन-सा सुरक्षित।
- मानचित्र बनाना: स्कूल से नज़दीकी जल-स्रोत तक का रास्ता।
- छानने और उबालने का प्रदर्शन शिक्षक की देखरेख में।
- जल चक्र का मॉडल / चार्ट।
- सामुदायिक संवाद: पंचायत/जल-सहिया से मिलकर स्थानीय जल-समस्याएँ जानना।
- लोक-कथाएँ और गीत: जल-संबंधी लोक-परंपराएँ।
NEP-2020 का सार
मुख्य सार: NEP-2020 के अनुसार जल-शिक्षा स्थानीय सर्वेक्षण, प्रयोग, समुदाय से जुड़ाव और जल-संरक्षण के मूल्य के साथ हो।
7 Quick Revision — एक नज़र में
परीक्षा से ठीक पहले पूरे टॉपिक को दोहराने के लिए यह भाग है। इसमें सबसे ज़रूरी बातें एक ही जगह दी गई हैं।
8 MCQ Practice (20 प्रश्न)
अब तक जो पढ़ा, उसे परखने के लिए नीचे 20 प्रश्न हैं। किसी विकल्प पर क्लिक करते ही सही उत्तर और उसकी व्याख्या दिख जाएगी।
Q1. पृथ्वी पर लगभग कितना प्रतिशत जल खारा (समुद्री) है?
Q2. मीठे जल का सबसे बड़ा भाग कहाँ जमा है?
Q3. जल जीवन मिशन की घोषणा कब की गई थी?
Q4. अमृत सरोवर मिशन का मुख्य लक्ष्य क्या है?
Q5. अटल भूजल योजना का उद्देश्य क्या है?
Q6. हैंडपंप को झारखंड के कई भागों में सामान्यतः किस नाम से जाना जाता है?
Q7. पानी में फिटकरी डालने का उद्देश्य क्या है?
Q8. पानी को रोगाणुमुक्त करने का सबसे सरल घरेलू तरीका क्या है?
Q9. कथन (A): केवल साफ़ दिखने वाला पानी भी पीने के लिए असुरक्षित हो सकता है। कथन (R): सूक्ष्मजीव और घुले रसायन आँखों से नहीं दिखते। सही विकल्प?
Q10. जल भंडारण के बर्तन के बारे में सबसे सही सावधानी कौन-सी है?
Q11. मिट्टी के घड़े में पानी ठंडा क्यों रहता है?
Q12. जल शक्ति मंत्रालय किस वर्ष बना?
Q13. कौन-सा झारखंड में स्थित बाँध/जलाशय है?
Q14. नमामि गंगे परियोजना किस नदी की सफाई से जुड़ी है?
Q15. जल के कारण होने वाला रोग कौन-सा है?
Q16. दस्त होने पर घर में सबसे महत्त्वपूर्ण प्राथमिक उपाय क्या है?
Q17. बाँध बनाने का एक प्रमुख लाभ कौन-सा है?
Q18. एक शिक्षक बच्चों को गाँव के जल-स्रोतों का सर्वेक्षण करवाता है। यह किस शिक्षण-दृष्टि का उदाहरण है?
Q19. NEP-2020 और NCF के अनुसार जल-स्रोत शिक्षण को किससे जोड़ा जाना चाहिए?
Q20. हर ग्रामीण घर में नल से जल पहुँचाने की योजना का नारा क्या है?
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