सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (समय आकलन एवं लर्नर्स रेकॉर्डिंग)
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1 मापन, आकलन एवं मूल्यांकन (Measurement, Assessment, Evaluation)
परीक्षा, जाँच, आकलन और मूल्यांकन शब्द रोज़मर्रा में एक जैसे लगते हैं, पर शिक्षा-मनोविज्ञान में इनका अर्थ अलग है। TET में इनके अंतर पर प्रश्न आते हैं, इसलिए सबसे पहले इन तीनों शब्दों को स्पष्ट समझ लें।
| शब्द | अर्थ एवं प्रकृति | उदाहरण |
|---|---|---|
| मापन (Measurement) | किसी गुण को संख्या में बदलना; केवल परिमाणात्मक और सबसे संकीर्ण | परीक्षा में 35 अंक मिले |
| आकलन (Assessment) | अधिगम के बारे में प्रमाण इकट्ठा करना और उनकी व्याख्या करना; परिमाणात्मक + गुणात्मक | बच्चा किन अवधारणाओं में सही है और कहाँ कमज़ोर है, इसका विवरण |
| मूल्यांकन (Evaluation) | प्राप्त प्रमाणों पर मूल्य-निर्णय देना कि कितना अच्छा या पर्याप्त है; परिमाणात्मक + गुणात्मक + निर्णय; सबसे व्यापक | बच्चे को अगली कक्षा या उपचारात्मक सहायता की ज़रूरत है या नहीं, इसका निर्णय |
- सूत्र: मूल्यांकन = मापन + गुणात्मक विवरण + मूल्य-निर्णय।
- परीक्षण (Test) मापन का एक उपकरण है, जबकि परीक्षा (Examination) एक औपचारिक व्यवस्था है।
- मूल्यांकन एक सतत और सहयोगी प्रक्रिया है। इसका लक्ष्य केवल अंक देना नहीं, बल्कि सीखने को सुधारना है।
याद रखें
याद रखें: मापन = "कितना", आकलन = "क्या और कैसे", मूल्यांकन = "कितना अच्छा और आगे क्या"।
NEP-2020 के अनुसार
NEP-2020 आकलन को "सीखने की गुणवत्ता सुधारने" का साधन मानती है। इसमें मूल्यांकन को रटने पर आधारित ढाँचे से हटाकर योग्यता-आधारित (Competency-based) बनाने और उच्च-स्तरीय कौशल जैसे विश्लेषण, आलोचनात्मक चिंतन और अवधारणात्मक स्पष्टता को परखने की बात है।
2 मूल्यांकन के प्रकार (Types of Assessment)
मूल्यांकन अलग-अलग उद्देश्यों और समय पर किया जाता है। उद्देश्य के आधार पर इसके कई प्रकार हैं। नीचे सबसे महत्वपूर्ण प्रकार और उनके उदाहरण दिए गए हैं।
| प्रकार | कब/क्यों | उदाहरण |
|---|---|---|
| प्रारंभिक / निदानात्मक (Placement / Diagnostic) | शुरू में बच्चे का स्तर और कठिनाई जानने के लिए | सत्र की शुरुआत में पूर्व-ज्ञान जाँच, भाषा/गणित की आधार-रेखा (Baseline) |
| रचनात्मक / निर्माणात्मक (Formative) | सीखने के दौरान, सुधार और पृष्ठपोषण के लिए | कक्षा में प्रश्न, अवलोकन, गतिविधि, मौखिक जाँच, छोटी क्विज़ |
| योगात्मक (Summative) | इकाई/सत्र के अंत में, उपलब्धि का निर्णय देने के लिए | अर्धवार्षिक या वार्षिक परीक्षा |
| मानक-निर्देशित (Norm-referenced) | बच्चे की तुलना दूसरे बच्चों के समूह से | कक्षा में रैंक, प्रतियोगी परीक्षा |
| मानदंड-निर्देशित (Criterion-referenced) | बच्चे की तुलना पूर्व-निर्धारित मानदंड/दक्षता से | "क्या बच्चा 20 तक गिनती सही गिन सकता है?" |
| आंतरिक / बाह्य (Internal / External) | आंतरिक = विद्यालय/शिक्षक द्वारा; बाह्य = बाहरी संस्था द्वारा | विद्यालय की इकाई परीक्षा / बोर्ड परीक्षा |
आकलन के तीन दृष्टिकोण
- अधिगम का आकलन (Assessment OF Learning): बच्चे ने कितना सीखा, इसका सार-रूप निर्णय। यह योगात्मक है।
- अधिगम के लिए आकलन (Assessment FOR Learning): शिक्षक आकलन के परिणामों का उपयोग अपने शिक्षण को सुधारने और बच्चे को मार्गदर्शन देने के लिए करता है। यह रचनात्मक है।
- अधिगम के रूप में आकलन (Assessment AS Learning): बच्चा स्वयं अपने सीखने पर विचार करता है, स्व-मूल्यांकन और सहपाठी-मूल्यांकन करता है।
भ्रम से बचें
रचनात्मक मूल्यांकन "सीखने के लिए" है, इसलिए इसमें अंक देकर बच्चे को लेबल नहीं किया जाता। योगात्मक का काम "निर्णय देना" है। दोनों के बीच यही मूल अंतर है।
NEP-2020 के अनुसार
NEP-2020 में योगात्मक मूल्यांकन से हटकर नियमित और रचनात्मक (Formative) आकलन की ओर बढ़ने की बात है, जो अधिक योग्यता-आधारित हो और जिसका उद्देश्य सीखने में मदद करना हो। NCF-SE 2023 में "अधिगम के रूप में आकलन" पर बल दिया गया है।
3 सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) का अर्थ एवं विशेषताएँ
पहले के समय में साल के अंत की एक परीक्षा से बच्चे का भविष्य तय होता था। इसमें बच्चे पर बहुत दबाव पड़ता था और केवल याददाश्त परखी जाती थी। इसे बदलने के लिए सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (Continuous and Comprehensive Evaluation, CCE) की अवधारणा आई। इस भाग में उसका अर्थ, उद्देश्य और विशेषताएँ दी गई हैं।
CCE का अर्थ
सतत (Continuous): मूल्यांकन पूरे सत्र में लगातार और नियमित अंतराल पर हो, केवल साल के अंत में एक बार नहीं।
व्यापक (Comprehensive): मूल्यांकन बच्चे के सभी पक्षों का हो, यानी केवल पढ़ाई (Scholastic) ही नहीं, बल्कि सह-शैक्षिक (Co-scholastic) पक्ष भी: कला, खेल, जीवन-कौशल, अभिवृत्ति और मूल्य।
| पक्ष | "सतत" का अर्थ | "व्यापक" का अर्थ |
|---|---|---|
| समय | साल भर नियमित आकलन; अवधारणा के अनुसार तुरंत पृष्ठपोषण | कई अवसर और अलग-अलग तरीके |
| क्षेत्र | हर इकाई के बाद निदान और उपचार | शैक्षिक + सह-शैक्षिक पक्ष (ज्ञान, कौशल, अभिवृत्ति, रुचि, व्यक्तित्व) |
| साधन | नियमित अवलोकन, कार्य-पुस्तिका, मौखिक जाँच | लिखित, मौखिक, प्रायोगिक, परियोजना, पोर्टफोलियो |
CCE के उद्देश्य
- बच्चे पर परीक्षा का बोझ और तनाव कम करना।
- रटने की जगह समझ और कौशल पर ध्यान देना।
- बच्चे की कमज़ोरियों की समय पर पहचान कर उपचारात्मक सहायता देना।
- शिक्षक को अपने शिक्षण की प्रभावशीलता जानने में सहायता।
- बच्चे के समग्र विकास को दर्ज और प्रोत्साहित करना।
कानूनी आधार: RTE अधिनियम 2009
- धारा 29(2)(h): प्रारंभिक शिक्षा के लिए पाठ्यचर्या और मूल्यांकन की प्रक्रिया में बच्चे की समझ, ज्ञान और उसे व्यवहार में लाने की क्षमता का सतत एवं व्यापक मूल्यांकन शामिल है।
- धारा 16 (नो-डिटेंशन नीति): प्रारंभिक शिक्षा पूरी होने तक किसी बच्चे को किसी कक्षा में रोका (Hold Back) या स्कूल से निष्कासित नहीं किया जाएगा।
- 2019 का संशोधन: अब उपयुक्त सरकारें कक्षा 5 और/या कक्षा 8 में, नियमित परीक्षा तथा अतिरिक्त शिक्षण के बाद पुनः परीक्षा लेकर, बच्चे को रोकने (Hold Back) का प्रावधान कर सकती हैं।
- धारा 30: प्रारंभिक शिक्षा पूरी होने तक किसी बच्चे को बोर्ड परीक्षा देना अनिवार्य नहीं है।
NEP-2020 के अनुसार
NEP-2020 CCE की मूल भावना को आगे बढ़ाती है। यह रचनात्मक मूल्यांकन, योग्यता-आधारित सीख और समग्र प्रगति पत्र के माध्यम से मूल्यांकन को सतत और बहुआयामी बनाती है।
4 मूल्यांकन की तकनीकें एवं उपकरण (Techniques and Tools)
कक्षा में बच्चे का आकलन अलग-अलग तरीकों से किया जा सकता है। हर तकनीक अलग तरह की जानकारी देती है, इसलिए CCE में कई तकनीकों का मिला-जुला प्रयोग होता है। नीचे प्रमुख तकनीकें और उनका उपयोग दिया है।
| तकनीक/उपकरण | अर्थ | उपयोग |
|---|---|---|
| अवलोकन (Observation) | बच्चों के व्यवहार और कार्य को देखकर दर्ज करना | सामाजिक, संवेगात्मक व शारीरिक पक्ष, खेल, समूह-कार्य |
| जाँच-सूची (Checklist) | किसी कौशल/व्यवहार के होने या न होने की सूची ("हाँ/नहीं") | "क्या बच्चा अपना नाम लिखता है?" |
| मापनी (Rating Scale) | किसी गुण को स्तरों (जैसे 1 से 5) पर आँकना | अभिवृत्ति, सहभागिता, प्रस्तुति की गुणवत्ता |
| घटनावृत्त / किस्सा-अभिलेख (Anecdotal Record) | किसी विशिष्ट घटना का तथ्यात्मक, संक्षिप्त विवरण | किसी बच्चे के व्यवहार में बदलाव की घटनाएँ |
| पोर्टफोलियो (Portfolio) | बच्चे के चुने हुए कार्यों का संग्रह, जो समय के साथ प्रगति दिखाता है | चित्र, लेखन-नमूने, परियोजनाएँ |
| रूब्रिक (Rubric) | प्रदर्शन के स्तरों का पहले से तय स्पष्ट मानदंड | निबंध, प्रोजेक्ट, प्रस्तुति का अंकन |
| परियोजना / असाइनमेंट (Project) | किसी विषय पर विस्तृत, व्यावहारिक कार्य | सर्वेक्षण, मॉडल, रिपोर्ट |
| मौखिक प्रश्नोत्तरी (Oral Quiz) | प्रश्न पूछकर समझ जाँचना | पाठ के बीच या अंत में |
| स्व एवं सहपाठी मूल्यांकन | बच्चे का स्वयं या साथी का आकलन | आत्म-चिंतन और जिम्मेदारी |
| समाजमिति (Sociometry) | कक्षा में बच्चों के आपसी संबंध/पसंद का अध्ययन; जे. एल. मोरेनो से जुड़ा | समूह-गठन, अकेले पड़े बच्चों की पहचान |
| प्रायोगिक एवं प्रदर्शन-आधारित (Practical) | कौशल को करके दिखाना | प्रयोग, कला, शारीरिक शिक्षा |
- जाँच-सूची में केवल उपस्थिति/अनुपस्थिति दर्ज होती है, जबकि मापनी में स्तर (गुणवत्ता) भी बताया जाता है। यह अंतर परीक्षा में पूछा जाता है।
- रूब्रिक से अंकन में पारदर्शिता और वस्तुनिष्ठता आती है।
NEP-2020 के अनुसार
NEP-2020 और NCF के अनुसार आकलन में अवलोकन, पोर्टफोलियो, परियोजना, प्रश्नोत्तरी, भूमिका-निर्वाह (Role Play), समूह-कार्य, स्व एवं सहपाठी मूल्यांकन जैसे विविध तरीकों को प्रोत्साहन है। आधारभूत स्तर पर आकलन मुख्यतः अवलोकन और प्रलेखन पर आधारित है, औपचारिक परीक्षा पर नहीं।
5 अच्छे परीक्षण की विशेषताएँ एवं प्रश्नों के प्रकार
मूल्यांकन तभी उपयोगी है जब उसका साधन अच्छा हो। यदि परीक्षण ही गलत या अधूरा है तो परिणाम भ्रामक होंगे। इस भाग में अच्छे परीक्षण के गुण और प्रश्नों के प्रमुख प्रकार दिए गए हैं।
| विशेषता | अर्थ |
|---|---|
| वैधता (Validity) | परीक्षण वही मापे जो उसे मापना चाहिए |
| विश्वसनीयता (Reliability) | बार-बार लेने पर परिणाम में संगति/स्थिरता |
| वस्तुनिष्ठता (Objectivity) | अंकन में परीक्षक की निजी राय का प्रभाव न हो |
| प्रयोज्यता (Usability / Practicability) | परीक्षण लेना, जाँचना और व्याख्या करना व्यावहारिक और सुविधाजनक हो |
| विभेदकारिता (Discrimination) | तेज़ और कमज़ोर बच्चों में अंतर कर सके |
| प्रश्न का प्रकार | विशेषता | सीमा |
|---|---|---|
| निबंधात्मक (Essay) | विचारों की अभिव्यक्ति, तर्क और विश्लेषण परखता है | जाँच में व्यक्तिनिष्ठता; कम विषय-वस्तु का आकलन |
| लघु-उत्तरीय (Short Answer) | संक्षिप्त उत्तर; विषय का अधिक भाग | अभिव्यक्ति सीमित |
| वस्तुनिष्ठ (Objective / MCQ) | जाँच में वस्तुनिष्ठता, व्यापक विषय-वस्तु, तेज़ अंकन | अनुमान (Guess) संभव; उच्च-स्तरीय सोच पर बनाना कठिन |
ब्लूम का वर्गीकरण (Bloom's Taxonomy)
- संज्ञानात्मक क्षेत्र (Cognitive Domain) — बेंजामिन ब्लूम (1956): ज्ञान, बोध, प्रयोग, विश्लेषण, संश्लेषण, मूल्यांकन।
- संशोधित वर्गीकरण (Anderson & Krathwohl, 2001): याद रखना (Remember), समझना (Understand), प्रयोग करना (Apply), विश्लेषण (Analyze), मूल्यांकन (Evaluate), सृजन (Create)।
- भावात्मक क्षेत्र (Affective Domain) — क्रेथवोल (Krathwohl, 1964): ग्रहण करना, अनुक्रिया, मूल्य-निर्धारण, संगठन, चरित्रीकरण।
- मनोगामक क्षेत्र (Psychomotor Domain) — सिम्पसन, डेव और हैरो ने अलग-अलग वर्गीकरण दिए। यह शारीरिक/क्रियात्मक कौशल से जुड़ा है।
NEP-2020 के अनुसार
NEP-2020 का समग्र प्रगति पत्र बच्चे की प्रगति को संज्ञानात्मक, भावात्मक और मनोगामक तीनों क्षेत्रों में दर्ज करने की बात करता है, यानी ब्लूम की तीनों क्षेत्र-शृंखलाओं का व्यावहारिक रूप। साथ ही उच्च-स्तरीय कौशल (विश्लेषण, आलोचनात्मक चिंतन) पर आधारित प्रश्नों को प्रोत्साहन है।
6 आकलन कब और कितनी बार? (Time and Periodicity of Assessment)
सतत मूल्यांकन का अर्थ यह नहीं है कि हर दिन परीक्षा ली जाए। इसका अर्थ यह है कि सीखने के हर चरण में उपयुक्त समय पर, उपयुक्त तरीके से आकलन हो। नीचे बताया गया है कि किस समय किस तरह का आकलन उपयोगी है।
| समय | आकलन का रूप | उद्देश्य |
|---|---|---|
| सत्र/इकाई की शुरुआत में | पूर्व-ज्ञान या आधार-रेखा (Baseline) जाँच | बच्चे का स्तर जानकर योजना बनाना |
| पाठ के दौरान (दैनिक) | अवलोकन, प्रश्न-उत्तर, गतिविधि-जाँच | तुरंत पृष्ठपोषण और सुधार |
| साप्ताहिक / पाक्षिक | कार्य-पुस्तिका, छोटी क्विज़, परियोजना की प्रगति | सतत प्रगति का रिकॉर्ड |
| इकाई के अंत में | इकाई-परीक्षा, परियोजना-प्रस्तुति | अवधारणाओं की समझ की जाँच, निदान |
| सत्र के मध्य/अंत में | अर्धवार्षिक/वार्षिक या समग्र आकलन | उपलब्धि का समग्र चित्र और अगली कक्षा की तैयारी |
- बहुत कम अंतराल पर आकलन से बच्चे पर अनावश्यक बोझ पड़ता है। बहुत लंबे अंतराल पर आकलन से समय पर निदान नहीं होता।
- शिक्षक का दैनिक अवलोकन और संक्षिप्त नोट सबसे कम बोझ वाला और सबसे उपयोगी आकलन है।
- आकलन के बाद पृष्ठपोषण (Feedback) तुरंत और विशिष्ट होना चाहिए, ताकि बच्चा अपनी कमी सुधार सके।
याद रखें
बच्चे को प्रश्न का जवाब देने के लिए पर्याप्त समय (Wait Time) देना भी आकलन की निष्पक्षता का हिस्सा है। जल्दबाज़ी में पूछे गए प्रश्न से बच्चे की असली समझ नहीं दिखती।
NEP-2020 के अनुसार
NEP-2020 के अनुसार कक्षा 3, 5 और 8 में सभी विद्यार्थी विद्यालयी परीक्षाएँ देंगे। साथ ही नियमित, रचनात्मक आकलन पूरे वर्ष चलता रहेगा। इन परीक्षाओं का उद्देश्य सीखने के स्तर को परखना और सुधार के कदम उठाना है, बच्चे पर दबाव डालना नहीं।
7 अभिलेखन एवं लर्नर रिकॉर्डिंग (Recording and Learner's Records)
आकलन तभी काम का है जब उसे ठीक से दर्ज (Record) किया जाए। रिकॉर्ड से शिक्षक, अभिभावक और बच्चा तीनों को पता चलता है कि बच्चा कहाँ है और उसे कहाँ पहुँचना है। इस भाग में सीखने के रिकॉर्ड के प्रमुख रूप और उनका सही उपयोग दिया गया है।
| अभिलेख | क्या दर्ज होता है | कैसे उपयोगी |
|---|---|---|
| संचयी अभिलेख (Cumulative Record Card) | बच्चे का पारिवारिक विवरण, स्वास्थ्य, उपलब्धि, रुचि, अभिवृत्ति, व्यक्तित्व, शिक्षकों की टिप्पणी, कई वर्षों का क्रमबद्ध रिकॉर्ड | बच्चे का समग्र चित्र; मार्गदर्शन और परामर्श |
| घटनावृत्त अभिलेख (Anecdotal Record) | किसी महत्वपूर्ण घटना का तथ्यात्मक विवरण | व्यवहार में पैटर्न पहचानना |
| पोर्टफोलियो (Portfolio) | बच्चे के चुने हुए कार्य, चित्र, परियोजनाएँ, स्व-चिंतन | समय के साथ प्रगति का साक्ष्य |
| अधिगम प्रोफ़ाइल / प्रगति पत्र | दक्षताओं में प्रगति, ताकत, सुधार के क्षेत्र | अभिभावक-शिक्षक संवाद |
| उपस्थिति एवं स्वास्थ्य कार्ड | उपस्थिति, ऊँचाई-भार, स्वास्थ्य जाँच | कुपोषण, अनुपस्थिति के कारणों की पहचान |
रिकॉर्ड रखते समय ध्यान देने योग्य बातें
- रिकॉर्ड तथ्यात्मक और निष्पक्ष हो, राय या पूर्वाग्रह पर आधारित नहीं।
- सकारात्मक और नकारात्मक, दोनों पक्ष दर्ज हों। केवल कमी न लिखें।
- रिकॉर्ड गोपनीय रखा जाए और केवल अधिकृत लोगों (शिक्षक, अभिभावक, परामर्शदाता) से साझा हो।
- इसका उपयोग बच्चे को लेबल देने के लिए नहीं, बल्कि उसकी सहायता के लिए हो।
- रिकॉर्ड नियमित रूप से अद्यतन हो, केवल सत्र के अंत में नहीं।
भ्रम से बचें
"संचयी अभिलेख" में केवल अंक दर्ज करना गलत उपयोग है। इसकी विशेषता है कि यह बच्चे के सभी पक्षों का बहु-वर्षीय संचित विवरण होता है।
NEP-2020 के अनुसार
NEP-2020 बच्चे की प्रगति के विस्तृत और बहुआयामी रिकॉर्ड की बात करती है, जिसमें विद्यार्थी की अद्वितीय क्षमताओं और प्रगति को दर्शाया जाए। इसी के अनुसार पुराने रिपोर्ट कार्ड की जगह समग्र प्रगति पत्र (HPC) की व्यवस्था है। साथ ही, बच्चों की प्रगति को ट्रैक करने और उनकी रुचि व सामर्थ्य पहचानने के लिए प्रौद्योगिकी (Technology) के उपयोग का भी सुझाव है।
8 समग्र प्रगति पत्र (Holistic Progress Card, HPC) एवं PARAKH
NEP-2020 की सबसे चर्चित मूल्यांकन-पहल समग्र प्रगति पत्र है। इसका उद्देश्य बच्चे को अंकों की संख्या से हटकर उसके पूरे विकास के आधार पर देखना है। इस भाग में HPC की विशेषताएँ और इसे तैयार करने वाली संस्था PARAKH के बारे में सटीक जानकारी दी गई है।
HPC क्या है?
HPC (Holistic Progress Card): एक समग्र, 360-डिग्री, बहुआयामी रिपोर्ट, जो हर बच्चे की प्रगति और विशिष्टता को संज्ञानात्मक (Cognitive), भावात्मक (Affective) और मनोगामक (Psychomotor) क्षेत्रों में विस्तार से दर्शाती है।
- इसमें स्व-मूल्यांकन (Self-assessment), सहपाठी मूल्यांकन (Peer-assessment) और शिक्षक मूल्यांकन (Teacher-assessment) शामिल हैं।
- यह कक्षा-गतिविधियों, परियोजनाओं, प्रश्नोत्तरी, भूमिका-निर्वाह (Role Play), समूह-कार्य और पोर्टफोलियो में प्रदर्शन को दर्ज करता है।
- अभिभावकों की भागीदारी और अभिभावक-शिक्षक बैठक (PTM) इसका हिस्सा हैं।
- इसमें अंकों की जगह वर्णनात्मक और साक्ष्य-आधारित पृष्ठपोषण पर बल है।
- NCERT के PARAKH के अनुसार HPC आधारभूत, प्रारंभिक और मध्य चरणों के लिए तैयार है, जबकि माध्यमिक चरण का HPC विकासाधीन बताया गया है।
PARAKH क्या है?
- PARAKH = Performance Assessment, Review and Analysis of Knowledge for Holistic Development।
- यह NCERT के अंतर्गत एक स्वतंत्र घटक इकाई के रूप में 8 फरवरी 2023 की अधिसूचना से स्थापित की गई। इसे राष्ट्रीय आकलन केंद्र (National Assessment Centre) की भूमिका में देखा जाता है।
- काम: विद्यार्थी-आकलन के मानदंड और दिशानिर्देश तय करना, बड़े स्तर के सर्वेक्षण, योग्यता-आधारित आकलन और स्कूल बोर्डों में समकक्षता पर काम करना।
- PARAKH ने 3 नवंबर 2023 को कक्षा 3, 6 और 9 के लिए राज्य शैक्षिक उपलब्धि सर्वेक्षण कराया, जिसमें लगभग 80 लाख विद्यार्थी शामिल थे।
NEP-2020 का सार
आधार: NEP-2020 के पैरा 4.4.1 के अनुसार PARAKH की स्थापना की गई। HPC और PARAKH मिलकर रटंत परीक्षा-केंद्रित व्यवस्था को योग्यता-आधारित, समग्र और सहयोगी आकलन में बदलने का प्रयास हैं।
9 निदानात्मक परीक्षण, उपचारात्मक एवं संवर्धन शिक्षण
आकलन का असली फायदा तब है जब उसके परिणाम से सुधार हो। कमज़ोरी पहचानने के बाद उसे दूर करना सतत मूल्यांकन का सबसे जरूरी हिस्सा है। यहाँ निदान, उपचार और संवर्धन की प्रक्रिया क्रम से दी गई है।
- निदान (Diagnosis): बच्चे की कठिनाई ढूँढ़ना। इसके लिए निदानात्मक परीक्षण, त्रुटि-विश्लेषण और अवलोकन का उपयोग होता है।
- कारण की खोज: कठिनाई का कारण पता करना: अवधारणा की कमी, शारीरिक/स्वास्थ्य समस्या, भाषा की बाधा, रुचि की कमी या पारिवारिक कारण।
- उपचार (Remediation): कारण के अनुरूप अतिरिक्त शिक्षण, सरल सामग्री, समूह या व्यक्तिगत सहायता।
- पुनः आकलन: देखना कि सुधार हुआ या नहीं।
- संवर्धन (Enrichment): जो बच्चे पहले से अच्छे हैं उन्हें चुनौतीपूर्ण कार्य और गहराई वाले अवसर देना।
- त्रुटि-विश्लेषण (Error Analysis): बच्चे की गलतियों के पैटर्न का अध्ययन करना। गलती बच्चे की सोच का सुराग देती है।
- पृष्ठपोषण के गुण: तुरंत मिले, विशिष्ट हो, सुधार-उन्मुख हो और बच्चे की प्रेरणा बनाए रखे। जैसे "गलत" कहने के बजाय "इस चरण में फिर से देखो।"
याद रखें
उपचारात्मक शिक्षण का मतलब "दंड" या "कमज़ोर बच्चों की अलग कक्षा" नहीं है। यह उसी बच्चे के सीखने में सहायता का अतिरिक्त अवसर है, जिसे सम्मान के साथ और सामान्य कक्षा में जोड़कर किया जाना चाहिए।
NEP-2020 के अनुसार
NEP-2020 में मूलभूत साक्षरता व संख्याज्ञान में पीछे रहने वाले बच्चों के लिए उपचारात्मक सहायता और सहपाठी शिक्षण (Peer Tutoring) जैसे उपायों का समर्थन है। इसका उद्देश्य किसी बच्चे को पीछे न छोड़ना है।
10 NEP-2020, NCF-FS एवं NCF-SE के संदर्भ में मूल्यांकन
नई शिक्षा-नीति मूल्यांकन के उद्देश्य और स्वरूप दोनों को बदलती है। अब मूल्यांकन "सीखने का आकलन" से आगे बढ़कर "सीखने के लिए और सीखने के रूप में आकलन" बन रहा है। नीचे मुख्य बदलाव एक साथ दिए गए हैं।
| बिंदु | पहले | NEP-2020 के बाद |
|---|---|---|
| उद्देश्य | अंक और रैंक | सीखने में सुधार और समग्र विकास |
| स्वरूप | रटने पर आधारित, योगात्मक | योग्यता-आधारित, नियमित, रचनात्मक |
| प्रगति पत्र | केवल विषयवार अंक | समग्र प्रगति पत्र (HPC): 360-डिग्री, तीन क्षेत्र |
| मूल्यांकनकर्ता | केवल शिक्षक | स्व, सहपाठी, शिक्षक (और अभिभावक की भागीदारी) |
| विद्यालयी परीक्षा | कक्षा-अनुसार परीक्षाएँ | कक्षा 3, 5 और 8 में विद्यालयी परीक्षाएँ |
| बोर्ड परीक्षा | रटने पर ज़ोर, केवल एक अवसर | मुख्य क्षमताओं की जाँच; सुधार के लिए दो अवसर (मुख्य व सुधार) की व्यवस्था; सेमेस्टर/मॉड्यूलर प्रणाली संभव |
| संस्था | विभिन्न बोर्ड, अलग मानक | PARAKH (NCERT), समकक्षता के प्रयास |
- NCF-FS 2022 (आधारभूत चरण): आकलन खेल, अवलोकन, प्रलेखन और पोर्टफोलियो पर आधारित; औपचारिक परीक्षा के बजाय बच्चे की प्रगति का वर्णनात्मक रिकॉर्ड।
- NCF-SE 2023: मूल्यांकन को "अधिगम के रूप में आकलन" की तरह देखना; प्रारंभिक चरण में रचनात्मक और योगात्मक का मेल; बोर्ड परीक्षा के लिए वर्ष में दो अवसर जैसे सुझाव।
- प्रश्नों में रटने के बजाय अनुप्रयोग, विश्लेषण और तर्क पर बल।
NEP-2020 का सार
मुख्य सार: NEP-2020 में मूल्यांकन का लक्ष्य "बच्चे को आँकना" नहीं, बल्कि "बच्चे को आगे बढ़ाना" है। इसके लिए नियमित, रचनात्मक, योग्यता-आधारित और समग्र आकलन अपनाया गया है।
11 Quick Revision — एक नज़र में
परीक्षा से ठीक पहले पूरे टॉपिक को दोहराने के लिए यह भाग है। इसमें सबसे ज़रूरी बातें एक ही जगह दी गई हैं।
12 MCQ Practice (20 प्रश्न)
अब तक जो पढ़ा, उसे परखने के लिए नीचे 20 प्रश्न हैं। किसी विकल्प पर क्लिक करते ही सही उत्तर और उसकी व्याख्या दिख जाएगी।
Q1. निम्न में से किसमें गुणात्मक विवरण और मूल्य-निर्णय दोनों शामिल हैं?
Q2. सीखने के दौरान, सुधार और पृष्ठपोषण के लिए किया जाने वाला आकलन कौन-सा है?
Q3. बच्चे की तुलना दूसरे बच्चों के समूह से करने वाला मूल्यांकन कौन-सा है?
Q4. "अधिगम के रूप में आकलन" (Assessment AS Learning) में मुख्य भूमिका किसकी होती है?
Q5. CCE में "व्यापक" शब्द का अर्थ क्या है?
Q6. RTE अधिनियम की किस धारा में CCE का प्रावधान है?
Q7. RTE अधिनियम की धारा 16 किससे संबंधित है?
Q8. RTE अधिनियम की धारा 30 के अनुसार प्रारंभिक शिक्षा पूर्ण करने तक क्या अनिवार्य नहीं है?
Q9. किसी कौशल के "होने या न होने" को दर्ज करने के लिए कौन-सा उपकरण उपयुक्त है?
Q10. बच्चे के चुने हुए कार्यों के संग्रह को क्या कहते हैं?
Q11. कक्षा में बच्चों के आपसी संबंध और पसंद-नापसंद का अध्ययन किस तकनीक से किया जाता है?
Q12. परीक्षण का वही मापना जो उसे मापना चाहिए, क्या कहलाता है?
Q13. बार-बार लेने पर परीक्षण के परिणाम में संगति को क्या कहते हैं?
Q14. ब्लूम के मूल (1956) संज्ञानात्मक वर्गीकरण का सही क्रम कौन-सा है?
Q15. भावात्मक क्षेत्र (Affective Domain) का वर्गीकरण किसने दिया?
Q16. NEP-2020 के अनुसार समग्र प्रगति पत्र (HPC) किन तीन क्षेत्रों में प्रगति दर्शाता है?
Q17. PARAKH की स्थापना किस संस्था के अंतर्गत हुई है?
Q18. NEP-2020 के अनुसार विद्यालयी परीक्षाएँ किन कक्षाओं में होंगी?
Q19. संचयी अभिलेख (Cumulative Record Card) की मुख्य विशेषता क्या है?
Q20. NCF-SE 2023 में मूल्यांकन के लिए किस दृष्टिकोण पर बल है?
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